Jhalawar News: राजस्थान के झालावाड़ जिले से पंचायत चुनाव के दौरान एक ऐसा अजब-गजब और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसे सुनकर आप भी अपना सिर पीट लेंगे. जिले के खानपुर उपखंड क्षेत्र के सूमर ग्राम पंचायत से सरपंच पद का चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी कर चुकीं मनभर बाई चुनाव प्रचार के जोश में ऐसी डूबीं कि वे सबसे जरूरी काम यानी अपना नामांकन फॉर्म जमा करना ही भूल गईं.
वे पिछले कई दिनों से पूरे तामझाम के साथ गांव में घर-घर जाकर वोट मांग रही थीं, लेकिन जब कागजी कार्रवाई पूरी करने का वक्त आया, तो वे तारीख और समय की सुध ही खो बैठीं.
जोनल मजिस्ट्रेट की गाड़ी रोककर लगाई गिड़गिड़ाने की गुहार
जब मनभर बाई को अपनी इस भयंकर भूल का अहसास हुआ, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. आनन-फानन में उन्होंने आखिरी दांव खेलते हुए सड़क पर गुजर रही जोनल मजिस्ट्रेट की गाड़ी को रोक लिया और रोते हुए नामांकन स्वीकार करने की गुहार लगाने लगीं. लेकिन चुनावी कानून और तय समय सीमा पूरी तरह निकल चुकी थी, जिसके चलते जोनल मजिस्ट्रेट ने भी नियम का हवाला देते हुए उनका पर्चा लेने से साफ इनकार कर दिया और उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया.
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सड़क पर बेहाल बैठी उम्मीदवार
तय समय में नामांकन दाखिल न हो पाने के इस बड़े सदमे से मनभर बाई सड़क पर ही सुध-बुध खोकर बेहाल होकर बैठ गईं. उधर, इस अप्रत्याशित ड्रामे और चुनावी अरमानों के इस तरह पानी में मिलने के तनाव को उनकी सास बर्दाश्त नहीं कर पाईं और मौके पर ही घबराहट के कारण बेहोश होकर गिर पड़ीं.
आसपास मौजूद समर्थकों और परिवार वालों ने तुरंत दोनों को संभाला और पानी छिड़ककर होश में लाए. चुनाव मैदान में उतरने से पहले ही इस नाटकीय तरीके से बाहर होने का यह किस्सा अब पूरे इलाके में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन गया है.
-भारत एक्सप्रेस
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