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CJI सूर्यकांत पर टिप्पणी केरल कांग्रेस को पड़ेगी भारी! सुप्रीम कोर्ट ने वकील के पत्र को बनाया रिट याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने सीजेआई सूर्यकांत के खिलाफ केरल कांग्रेस की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर भेजे गए पत्र पर संज्ञान लेते हुए उसे रिट याचिका में बदल दिया है.

CJI Suryakant initiatives

केरल कांग्रेस कमेटी द्वारा सीजेआई सूर्यकांत को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी आने वाले समय मे महंगा पड़ सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर भेजे गए पत्र पर संज्ञान लेते हुए इसे रिट याचिका में तब्दील कर दिया है.

यह पत्र सुप्रीम कोर्ट के वकील विनीत जिंदल ने 13 अक्टूबर को सीजेआई को भेजा था. भेजे गए पत्र में उन्होंने कहा कि इस पोस्ट और सुप्रीम कोर्ट परिसर में हुए प्रदर्शन और नारेबाजी की जांच की जानी चाहिए कि क्या यह कानून के तहत कार्रवाई योग्य है.

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की सुरक्षा और सुचारू कामकाज को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने पोस्ट की गई तथ्यों की जांच की मांग की है. ताकि यह तय हो सके और यह वैध राजनीतिक आलोचना के दायरे में है या यह अवमानना अधिनियम 1991की धारा 2 (C) के तहत आता है. विनीत जिंदल ने संविधान के अनुच्छेद 129 का हवाला दिया, जो सुप्रीम कोर्ट को अपनी अवमानना के लिए सजा देने का अधिकार देता है.

सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सीजेआई सूर्यकांत पर साधा निशाना

उन्होंने मांग की कि अगर जरूर है कि मामले में स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई की जाए. दरअसल कांग्रेस केरल ने एक्स पर एक पोस्ट किया था, जिसे बाद में डिलीट कर दिया गया. पोस्ट में लिखा था, डियर सूर्यकांत, अगर कानून-व्यवस्था संभालना आपके बस की बात नहीं है, तो अभी इस्तीफा दे दें. हम आपकी जगह किसी ऐसे व्यक्ति को ले आएंगे जो इसे संभाल सकें.

जिंदल ने यह भी मांग की है कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य इंडिया ब्लॉक नेताओं द्वारा याचिका दायर करने के दौरान हुए प्रदर्शन की भी जांच की जाए. यह देखा जाए कि क्या किसी प्रतिबंधित क्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश किया गया, सुरक्षा निर्देशों का उल्लंघन हुआ या सुप्रीम कोर्ट के काम में बाधा डाली गई.

जिंदल ने कहा कि कोई भी निष्कर्ष निकालने से पहले संबंधित सीसीटीवी फुटेज, एक्सेस कंट्रोल लॉग, सुरक्षा रिकॉर्ड और अन्य सबूतों को सुरक्षित रखा जाना चाहिए और उसकी जांच होनी चाहिए.

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-भारत एक्सप्रेस



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