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हाथरस कृतार्थ हत्याकांड: … तो इसलिए आठवीं के छात्र ने की थी हत्या!

हाथरस में कृतार्थ हत्याकांड में पुलिस ने DL पब्लिक स्कूल के प्रबंधक और अन्य पांच आरोपियों को हत्या के आरोपों से बरी कर दिया, जबकि 13 वर्षीय छात्र को कृतार्थ की हत्या का मुख्य आरोपी बनाया. पुलिस ने आरोपी छात्र को बाल सुधार गृह भेज दिया, जबकि कृतार्थ के परिवार ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाए हैं.

Hathras Murder Case

उत्तर प्रदेश का हाथरस एक बार फिर सुर्खियों में है. यह मामला डीएल पब्लिक स्कूल रसगवां के छात्र कृतार्थ की हत्या का है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था. पुलिस की ताजा चार्जशीट ने इस मामले में नया मोड़ ला दिया है.

पुलिस की चार्जशीट का खुलासा

पुलिस ने अपनी चार्जशीट में स्कूल प्रबंधन के प्रबंधक, उनके पिता और अन्य तीन आरोपियों को हत्या के आरोपों से बरी कर दिया है. इन पर अब केवल सबूत नष्ट करने और अपराध की सूचना छिपाने का आरोप लगाया गया है. वहीं, स्कूल के कक्षा आठ के एक 13 वर्षीय छात्र को कृतार्थ की हत्या का मुख्य आरोपी बताया गया है.

क्या है पूरा मामला?

कृतार्थ, जो कक्षा दो का छात्र था, डीएल पब्लिक स्कूल के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा था. 22 सितंबर 2024 की रात को हॉस्टल के हॉल में उसका गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी. शुरुआत में पुलिस ने इस मामले में स्कूल प्रबंधन, प्रिंसिपल और दो शिक्षकों सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया था. प्रारंभिक जांच में यह दावा किया गया था कि यह हत्या तंत्र-मंत्र के लिए की गई.

हत्या की वजह ने किया हैरान

पुलिस की चार्जशीट के अनुसार, 13 वर्षीय आरोपी छात्र ने पूछताछ में बताया कि वह पढ़ाई से परेशान था और स्कूल से छुट्टी लेकर घर जाना चाहता था. लेकिन छुट्टी न मिलने के कारण उसने यह खौफनाक कदम उठाया. उसने एक वीडियो देखा था, जिसमें कहा गया था कि किसी छात्र की मौत होने पर स्कूल बंद हो सकता है. इसी वजह से उसने कृतार्थ की हत्या का षड्यंत्र रचा.

अंगोछे से की गई हत्या

आरोपी छात्र ने पुलिस को बताया कि उसने कृतार्थ का गला अंगोछे से घोंटा. पुलिस ने स्कूल के पीछे की झाड़ियों से वह अंगोछा बरामद कर लिया है. इसके बाद आरोपी छात्र को हिरासत में लेकर बाल सुधार गृह भेज दिया गया है.

स्कूल प्रबंधन को राहत

पुलिस की चार्जशीट दाखिल होने के बाद 24 दिसंबर को स्कूल प्रबंधन से जुड़े पांचों आरोपियों को जमानत मिल गई. इनमें स्कूल के प्रबंधक, उनके पिता और दो शिक्षक शामिल हैं.

परिवारवालों ने जताई असहमति

कृतार्थ के परिवार ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि पुलिस ने पैसे लेकर झूठी चार्जशीट दाखिल की है. परिवार ने कहा कि वे इस मामले में कानूनी मदद लेकर आगे की कार्रवाई करेंगे.

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हत्या का मामला बना रहस्य

कृतार्थ हत्याकांड में पुलिस की जांच ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या वाकई एक 13 वर्षीय छात्र ने छुट्टी पाने के लिए इतना बड़ा कदम उठाया, या फिर यह मामला कुछ और है? यह रहस्य अब अदालत में आगे की सुनवाई में ही सुलझ सकेगा.

-भारत एक्सप्रेस



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