कुछ साल पहले तक भारत में फ्रेंच फ्राई का स्वाद केवल बड़े होटलों या अंतरराष्ट्रीय फास्ट-फूड चेन में ही लिया जा सकता था. ये फ्रेंच फ्राई यूरोप और अमेरिका से आयात किए जाते थे. लेकिन आज भारत फ्रेंच फ्राई का प्रमुख निर्यातक बन गया है.
वित्तीय वर्ष 2023-24 में भारत ने 1,35,877 टन फ्रेंच फ्राई का निर्यात किया, जिसकी कीमत ₹1,478.73 करोड़ रही. सिर्फ अप्रैल से अक्टूबर 2024 के बीच 1,06,506 टन फ्रेंच फ्राई का निर्यात हुआ, जिसकी कीमत ₹1,056.92 करोड़ थी. यह भारत के प्रोसेस्ड फूड उद्योग में एक बड़ी उपलब्धि है.
भारत में हर साल करीब 1,00,000 टन फ्रेंच फ्राई की खपत होती है, जिसकी कीमत ₹1,400 करोड़ है. इनमें से अधिकतर बिक्री मैकडॉनल्ड्स, केएफसी और बर्गर किंग जैसे फास्ट-फूड चेन को होती है. इसके अलावा, घरों में भी फ्रेंच फ्राई की खपत बढ़ रही है. लेकिन अब भारत का फ्रेंच फ्राई निर्यात घरेलू खपत को भी पार कर चुका है.
फ्रेंच फ्राई का प्रमुख निर्यातक बना भारत
1990 के दशक में भारत पूरी तरह से फ्रेंच फ्राई आयात पर निर्भर था. 1992 में लैम्ब वेस्टन ने इसे भारत में लाकर बड़े होटलों को सप्लाई शुरू की. 1996 में मैककेन फूड्स ने मैकडॉनल्ड्स के लिए फ्रेंच फ्राई आयात किए. 2000 के दशक के मध्य तक भारत में हर साल 5,000 टन से अधिक फ्रेंच फ्राई आयात होने लगे थे. लेकिन बीते एक दशक में भारत ने न केवल आयात बंद किया, बल्कि दक्षिण एशिया, मध्य पूर्व, जापान और ताइवान जैसे बाजारों में फ्रेंच फ्राई का प्रमुख निर्यातक बन गया.
भारत से फ्रेंच फ्राई का निर्यात मुख्य रूप से दक्षिण एशिया के देशों जैसे फिलीपींस, थाईलैंड, मलेशिया, इंडोनेशिया और वियतनाम में होता है. इसके अलावा, सऊदी अरब, यूएई और ओमान जैसे मध्य पूर्व के देशों में भी बड़ी मात्रा में फ्रेंच फ्राई भेजे जाते हैं. जापान और ताइवान जैसे पूर्व एशियाई देशों में भी भारतीय फ्रेंच फ्राई की मांग बढ़ रही है.
अहमदाबाद की HyFun Foods फ्रेंच फ्राई निर्यात क्षेत्र में अग्रणी है. 2023 में 1,75,000 टन फ्रेंच फ्राई के निर्यात में HyFun ने 85,000 टन का योगदान दिया. अन्य प्रमुख कंपनियों में इस्कॉन बलाजी फूड्स, फनवेव फूड्स, चिलफिल फूड्स और जेआर सिमप्लॉट शामिल हैं.
भारत में आलू उत्पादन
भारत हर साल करीब 60 मिलियन टन आलू का उत्पादन करता है, जो इसे चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक बनाता है. हालांकि, इनमें से ज्यादातर आलू घरेलू उपयोग के लिए होते हैं. फ्रेंच फ्राई बनाने के लिए विशेष प्रकार के प्रोसेसिंग-ग्रेड आलू का उपयोग होता है, जिनमें नमी कम और सूखा पदार्थ अधिक होता है.
फ्रेंच फ्राई के लिए उपयोग किए जाने वाले प्रमुख आलू की किस्मों में Santana, Innovator, Kennebec, Kufri Frysona और Kufri FryoM शामिल हैं. इन आलू का उपयोग करने पर 1.8 किलो आलू से 1 किलो फ्रेंच फ्राई बनते हैं.
भारत के आलू क्षेत्र में कानूनी विवाद भी हुए हैं. 2016 में PepsiCo ने FL 2027 आलू की किस्म विकसित की, जिसे Lay’s चिप्स के लिए तैयार किया गया था. कंपनी ने गुजरात के किसानों पर इस किस्म को बिना अनुमति उगाने का आरोप लगाते हुए 5 करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा. किसानों ने कहा कि वे इस बारे में अनजान थे और पारंपरिक तरीकों से खेती कर रहे थे. जनता के दबाव के कारण PepsiCo ने 2019 में केस वापस ले लिया. लेकिन 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने FL 2027 की रजिस्ट्रेशन को फिर से मान्यता दे दी.
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-भारत एक्सप्रेस
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