गुजरात पुलिस को 77 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश के मामले में वांछित आरोपी वीरेंद्रभाई मणिभाई पटेल को अमेरिका से भारत लाने में बड़ी सफलता मिली है. इंटरपोल रेड नोटिस के जरिए भारत लाए गए इस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सीबीआई के ग्लोबल ऑपरेशंस सेंटर ने गुजरात पुलिस और अहमदाबाद हवाई अड्डे के इमिग्रेशन अधिकारियों के साथ मिलकर समन्वय किया.
वीरेंद्रभाई मणिभाई पटेल हवाई अड्डे पर पकड़े गए
गुजरात पुलिस ने आनंद जिले के आनंद टाउन पुलिस स्टेशन में केस नंबर 06/2002 दर्ज किया था, जिसमें वीरेंद्रभाई मणिभाई पटेल पर एक बैंकर द्वारा आपराधिक विश्वासघात, आपराधिक साजिश, दस्तावेजों की जालसाजी, फर्जी दस्तावेजों का उपयोग, धोखाधड़ी और संपत्ति के अनुचित लेन-देन जैसे गंभीर आरोप लगे थे. आरोपी, जो चारोतार नागरिक सहकारी बैंक, आनंद का निदेशक था, पर अन्य आरोपियों के साथ मिलकर 77 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है.
गुजरात पुलिस के अनुरोध पर, सीबीआई ने 3 मार्च 2004 को इंटरपोल से रेड नोटिस जारी कराया और इसे दुनिया भर की सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भेजा गया ताकि इस वांछित अपराधी का पता लगाया जा सके. अंततः 29 जनवरी 2025 को वीरेंद्रभाई मणिभाई पटेल अहमदाबाद हवाई अड्डे पर अमेरिका से आने के दौरान पकड़ा गया. उसे तुरंत हिरासत में लिया गया और बाद में गुजरात पुलिस की टीम को सौंप दिया गया, जो अहमदाबाद हवाई अड्डे पर उसकी गिरफ्तारी के लिए पहुंची थी.
भारत में इंटरपोल के लिए नेशनल सेंट्रल ब्यूरो का करती है कार्य
सीबीआई, जो भारत में इंटरपोल के लिए नेशनल सेंट्रल ब्यूरो (NCB) का कार्य करती है, विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर इंटरपोल चैनलों के माध्यम से वांछित अपराधियों की धरपकड़ सुनिश्चित करती है. 2021 से अब तक 100 से अधिक अपराधियों को इसी प्रक्रिया के तहत भारत वापस लाया जा चुका है.
अब गुजरात पुलिस आरोपी वीरेंद्रभाई मणिभाई पटेल से विस्तृत पूछताछ करेगी और इस घोटाले में शामिल अन्य आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश करेगी. इस मामले में आगे की जांच जारी है.
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-भारत एक्सप्रेस
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