प्रवर्तन निदेशालय ने रियल एस्टेट कंपनी एम3एम इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गुरुग्राम में 88.29 एकड़ भूमि को अटैच कर लिया है. इस संपत्ति की कीमत 300.11 करोड़ रुपये बताई जा रही है. यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले के तहत की गई है, जिसमें हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के पूर्व निदेशक त्रिलोक चंद गुप्ता और 14 कॉलोनाइज़र कंपनियां शामिल हैं.
ईडी की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने भूमि अधिग्रहण अधिनियम 1894 का दुरुपयोग कर ज़मीन मालिकों और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को धोखा दिया. मजबूर होकर ज़मीन मालिकों ने अपनी संपत्ति कॉलोनाइज़र कंपनियों को कम कीमत में बेच दी. बाद में यह ज़मीन अवैध रूप से एम3एम ग्रुप की सहयोगी कंपनी आरएसआईपीएल को ट्रांसफर कर दी गई. आरोप है कि आरएसआईपीएल ने 10.35 एकड़ ज़मीन पर लाइसेंस लिया, लेकिन कॉलोनी नहीं बनाई. इसके बजाय 726 करोड़ रुपये में यह ज़मीन लोवे रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड को बेच दी गई.
जबरन ज़मीन हड़पने का आरोप
ईडी ने एम3एम ग्रुप के प्रमोटर रूप कुमार बंसल को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में जून 2023 में गिरफ्तार किया था. जांच के दौरान ईडी ने 60 करोड़ रुपये की लग्जरी कारें जब्त कीं, जिनमें फेरारी, लेम्बोर्गिनी, रोल्स रॉयस, बेंटले, लैंड रोवर और मर्सिडीज मेबैक जैसी गाड़ियां शामिल हैं. इसके अलावा 5.75 करोड़ रुपये के बुलियन और 15 लाख रुपये नकद भी जब्त किए गए. जांच में कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल सबूत भी सामने आए हैं.
ईडी का दावा है कि एम3एम ग्रुप ने आईआरईओ ग्रुप से 400 करोड़ रुपये लिए और इन फंड्स का दुरुपयोग किया. कागज़ों में इसे विकास अधिकारों के लिए भुगतान बताया गया, लेकिन असल में भूमि का बाजार मूल्य मात्र 4 करोड़ रुपये था. M3M ग्रुप ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कंपनी की सभी व्यावसायिक गतिविधियां पारदर्शी और कानूनी हैं. फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय इस मामले में आगे की जांच कर रहा है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां और संपत्ति जब्ती हो सकती हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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