Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

दिल्ली हाई कोर्ट ने यूपी पुलिस की अंतर-राज्यीय गिरफ्तारी पर मांगा जवाब, पढ़ें क्या है पूरा मामला

दिल्ली हाई कोर्ट ने ग्रेटर नोएडा पुलिस आयुक्त से पूछा कि क्या अंतर-राज्यीय गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस के साथ कोई प्रोटोकॉल निर्धारित किया गया है. कोर्ट ने व्यक्ति की गिरफ्तारी में प्रक्रिया के उल्लंघन को लेकर सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य विवरण पेश करने का निर्देश दिया.

Quentin Deacon Drug Case

दिल्ली हाई कोर्ट ने अंतर राज्यीय गिरफ्तारी के मुद्दे पर ग्रेटर नोएडा के पुलिस आयुक्त से जवाब मांगा है. जस्टिस प्रतिबा मनिंदर सिंह और जस्टिस धर्मेंद्र शर्मा की पीठ ने आयुक्त से पूछा है कि क्या. इस कोर्ट के एक पीठ के वर्ष 2019 के फैसले के अनुसार उसको लेकर दिल्ली पुलिस के साथ किसी प्रोटोकॉल पर सहमति बनी है.

अदालत ने आयुक्त से इस मुद्दे पर स्थिति रिपोर्ट दाखिल कर बताने को कहा है कि इस तरह की गिरफ्तारी में याचिकाकर्ता को दिल्ली से उठने वाले पुलिसकर्मी कौन थे? इसके लिए किस वाहन का इस्तेमाल किया गया था? एमएलसी में दिए गए निर्देशानुसार एक्स-रे कराने के बाद मेडिकल रिपोर्ट नकया निष्कर्ष निकाला है. कोर्ट ने इन सभी सवालों का जवाब मांगा है. कोर्ट 5 मई को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.

गिरफ्तारी प्रक्रिया में अनियमितताओं पर सवाल

कोर्ट ने कहा कि यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि अंतर-राज्यीय गिरफ्तारी के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल बकम पालन उत्तर प्रदेश पुलिस करे. साथ ही संदीप बनाम राज्य के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि उचित प्रोटोकॉल का पालन किए बिना अंतर-राज्यीय गिरफ्तारी नहीं कि जा सकती है.

अदालत ने यह निर्देश एक व्यक्ति की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया, जिसे उत्तर प्रदेश पुलिस ने दिल्ली पुलिस को सूचित किये बिना कनॉट प्लेस से गिरफ्तार किया था. उसके ठिकाने के बारे में पता न होने के कारण उसे पेश करने की मांग करते हुए याचिक दाखिल की थी.

प्रोटोकॉल और कानूनी प्रक्रिया के उल्लंघन का मुद्दा

अदालत ने कहा कि दिल्ली निवासी व्यक्ति की गिरफ्तारी से पहले दिल्ली पुलिस को कोई सूचना नहीं दी गई थी. इस मामले में गहराई से विचार करने की आवश्यकता है, क्योंकि अन्य निर्धारित प्रक्रियाओं में से किसी का भी पालन नहीं किया गया था.  गिरफ्तारी के समय उसका कोई आधार भी नही बताया गया. यदि निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नही किया जाता है, तो गिरफ्तारी स्वयं कानून के खिलाफ होगा.

अदालत ने सीसीटीवी फुटेज की जांच करने के लिए पुलिस आयुक्त से जवाब मांगा, जिससे यह पतालगाया जा सके कि किस तरह से यूपी पुलिस ने दिल्ली पुलिस को बिना किसी सूचना के व्यक्ति को उठाया तथा निजी वाहनों का उपयोग क्यों किया गया. यूपी पुलिस के कर्मी वर्दी में क्यों नहीं थे.

ये भी पढ़ें: महाशिवरात्रि पर संगम के आसमान में भारतीय वायुसेना का एयर शो, सुखोई, एएन-32 और चेतक ने भरी उड़ान

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital