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“भारतीय रियल्टी बाजार की बुनियादी मजबूती वैश्विक स्तर पर सर्वश्रेष्ठ”

वैश्विक रियल एस्टेट बाजार में अस्थिरता के बावजूद भारत निवेश के लिए स्थिर और आकर्षक गंतव्य बना हुआ है. 2024 में संस्थागत निवेश 7.1 बिलियन डॉलर तक पहुंचा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 31% अधिक है.

Fundamentals

वैश्विक रियल एस्टेट बाजार 2025 में अस्थिरता का सामना करने की तैयारी कर रहा है, लेकिन इस बीच भारत संस्थागत निवेशकों के लिए एक स्थिर और आकर्षक गंतव्य के रूप में उभर रहा है. Cushman & Wakefield (C&W) के एशिया-पैसिफिक सीईओ मैथ्यू बाउ और मुख्य निवेश एवं रणनीति अधिकारी नथानिएल रॉबिन्सन ने बताया कि भले ही वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता, संभावित टैरिफ युद्ध और मुद्रास्फीति के कारण रिकवरी धीमी हो सकती है, लेकिन भारत के मजबूत आर्थिक आधार निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं.

रॉबिन्सन ने कहा, “हम मानते हैं कि 2025 में बाजार अस्थिर रह सकता है, खासकर संभावित टैरिफ युद्धों के कारण. हालांकि, जैसे ही यह मुद्दा सुलझेगा, 2026 में मजबूत वृद्धि की उम्मीद है.”

भारत में निवेशकों की रुचि बढ़ी

पिछले कुछ वर्षों में भारत के प्रति निवेशकों की धारणा में सकारात्मक बदलाव देखा गया है. बाउ ने बताया कि हाल ही में सिंगापुर में आयोजित एक संस्थागत निवेशक सम्मेलन में हर तीन में से एक निवेशक ने भारत को प्रमुख निवेश बाजार बताया, जबकि कुछ वर्ष पहले यह अनुपात पांच में से एक था.

भारत के रियल एस्टेट क्षेत्र में 2024 में संस्थागत निवेश 7.1 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जो 2023 की तुलना में 31% अधिक है. यह आंकड़ा बताता है कि भारत का संपत्ति बाजार वैश्विक निवेशकों के लिए सबसे आकर्षक स्थलों में से एक बना हुआ है.

बाउ के अनुसार, भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर की बुनियादी मजबूती इसे अन्य बाजारों से अलग बनाती है. उन्होंने बताया कि भारत की युवा और शहरीकरण की ओर बढ़ती आबादी, मजबूत मध्यम वर्ग, उच्च जीडीपी वृद्धि और राजनीतिक स्थिरता इसे एक सुरक्षित निवेश गंतव्य बनाती है.

संस्थागत निवेशकों की दीर्घकालिक रणनीति जारी

वैश्विक पूंजी बाजारों में अस्थायी रुकावटों के बावजूद, संस्थागत निवेशक अपनी दीर्घकालिक रणनीतियों पर कायम हैं. रॉबिन्सन ने कहा, “ज्यादातर निवेशकों की अपनी रणनीति होती है, जो दीर्घकालिक रूप से ज्यादा नहीं बदलती. हालांकि, आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर पूंजी आवंटन में अस्थायी रोक और पुनः शुरुआत देखी जाती है.”

भारत का रियल एस्टेट बाजार मजबूत आर्थिक कारकों के कारण वैश्विक अस्थिरता के बीच भी एक स्थिर और आकर्षक निवेश गंतव्य बना हुआ है. 2025 में चुनौतियां बनी रह सकती हैं, लेकिन 2026 में बाजार के और मजबूत होने की संभावना है.

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-भारत एक्सप्रेस



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