पीएम मोदी और ट्रम्प (फाइल फोटो)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ऐलान किया है कि 2 अप्रैल से दुनियाभर में रेसिप्रोकल टैक्स यानी ‘जैसे को तैसा’ टैक्स नियम लागू किया जाएगा. इस नियम के तहत, अगर कोई देश अमेरिका के सामान पर टैक्स (टैरिफ) लगाता है, तो अमेरिका भी उसी दर से उस देश के सामान पर टैक्स लगाएगा. इसका मतलब यह हुआ कि अब कोई भी देश अमेरिका के साथ व्यापार में मनमानी नहीं कर पाएगा.
ट्रम्प का कहना है कि इस नियम के लागू होने से कई देश अमेरिकी सामानों पर अपने टैरिफ कम करेंगे. उन्होंने बताया कि यूरोपीय संघ पहले ही अपने टैरिफ 2.5% तक घटा चुका है और भारत भी टैरिफ में कमी करने जा रहा है.
ट्रम्प ने 2 अप्रैल को दिया “लिबरेशन डे” का नाम
ट्रम्प ने इस दिन को “लिबरेशन डे” (मुक्ति दिवस) कहा क्योंकि उनके अनुसार, यह अमेरिका के लिए आर्थिक आजादी का दिन होगा. उनके मुताबिक, अमेरिका के साथ कई देशों ने अनुचित व्यापार नीति अपनाई थी और अब यह नया नियम इसे सुधारने में मदद करेगा.
हालांकि, चीन, जापान और साउथ कोरिया अमेरिका की इस नीति से खुश नहीं हैं. इन तीनों देशों का मानना है कि यह नीति अमेरिका के फायदे के लिए बनाई गई है और इससे उनका व्यापार प्रभावित होगा. चीन के सरकारी मीडिया चैनल CCTC से जुड़े एक सोशल मीडिया अकाउंट ने दावा किया है कि तीनों देश इस नीति का मिलकर विरोध करेंगे.
हाल ही में इन तीनों देशों की आर्थिक बैठक हुई थी जिसमें उन्होंने आपसी व्यापार बढ़ाने और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर चर्चा की. इस समझौते से ये देश अमेरिका पर कम निर्भर रहेंगे और एक-दूसरे के साथ ज्यादा व्यापार करेंगे.
भारत ने पहले ही अमेरिका के दावे को किया था खारिज
करीब तीन हफ्ते पहले भी ट्रम्प ने भारत के टैरिफ कम करने का दावा किया था. तब भारत सरकार ने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया था. भारत के वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने कहा था कि भारत ने अमेरिका को कोई आश्वासन नहीं दिया है और दोनों देशों के बीच अभी भी बातचीत चल रही है.
ट्रम्प का कहना है कि भारत अमेरिका से ज्यादा टैरिफ वसूलता है. उन्होंने 7 मार्च को एक बयान में कहा था कि अमेरिका के लिए भारत में व्यापार करना मुश्किल हो गया है. उन्होंने यह भी कहा कि अब भारत अपने टैक्स घटाने को तैयार है क्योंकि अमेरिका ने उसकी “हकीकत” दुनिया के सामने ला दी है.
ट्रम्प ने आगे कहा, “अमेरिका को कई देशों ने आर्थिक और व्यापारिक रूप से नुकसान पहुंचाया है. लेकिन अब हमने इसे रोक दिया है और पूरी तरह बंद करने जा रहे हैं.”
-भारत एक्सप्रेस
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