बीकानेर हाउस का बकाया किराए को लेकर बीकानेर के अंतिम महाराजा डॉक्टर करणी सिंह के उत्तराधिकारियों ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है. याचिका में केंद्र सरकार से बकाया किराए की मांग की है. दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेंडेला की पीठ नेकेंद्र सरकार और उत्तराधिकारियों से अगली सुनवाई से पहले संबंधित दस्तावेज पेश करने को कहा है. कोर्ट 17 जुलाई को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.
कोर्ट याचिकाकर्ता उत्तराधिकारियों को निर्देश दिया है कि याचिका की कॉपी राजस्थान सरकार को मुहैया कराने का भी निर्देश दिया है. याचिका में सिंगल बेंच के फैसले को चुनौती दी गई है. इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट के सिंगल बेंच ने बीकानेर के अंतिम महाराजा डॉ. करणी सिंह की बेटी की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया था.
दिल्ली हाई कोर्ट ने दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिया
सिंगल बेंच ने 24 फरवरी को यह फैसला सुनाया था कि राजस्थान सरकार का बीकानेर हाउस पर निर्विवाद रूप से पूर्ण अधिकार है और और केंद्र सरकार से किराया के बकाया का कोई दावा साबित करने में विफल रहे. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि केंद्र द्वारा महाराजा को किया गया प्रारंभिक भुगतान अनुग्रह राशि के आधार पर था और पूछा था कि क्या कानूनी वारिस उनकी (महाराजा की) मौत के बाद इसपर कोई दावा करने के हकदार है.
याचिका में 23 सालों से अधिक समय से बकाए किराए का दावा किया गया था. उत्तराधिकारी राज्यश्री कुमारी बीकानेर ने अक्टूबर 1991 से दिसंबर 2014 तक का बकाया किराया मांगा था. जब केंद्र सरकार ने कथित तौर पर 1951के समझौते के तहत बकाया किराए का भुगतान करना बंद कर दिया था और 2014 में जब उसने बीकानेर हाउस खाली कर दिया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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