एक बार फिर भारतीय सेना ने पस्किस्तान के सैनिको को घुटने पर टिका दिया है. दरअसल, बीती दिन मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में मंगलवार को नियंत्रण रेखा (LOC) के पास घुसपैठ की कोशिश को भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया. इस दौरान सेना की जवाबी कार्रवाई में 4-5 घुसपैठिए मारे गए. भारतीय सेना ने पुष्टि की कि इस ऑपरेशन में उसे कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ.
भारतीय सेना के अनुसार, पुंछ जिले के कृष्णा घाटी इलाके में पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ की कोशिश की गई. पाकिस्तानी सैनिकों और घुसपैठियों ने पहले गोलीबारी शुरू की, जिसके जवाब में भारतीय सेना ने प्रभावी कार्रवाई की.
#WATCH | Poonch, J&K | Pakistan Army violated ceasefire by firing at Indian side across LoC in KG Sector. Troops of the Nangi Tekri Battalion, under the aegis of the Krishna Ghati Brigade, of Indian Army retaliated strongly.
Deferred visuals from the area. https://t.co/n8QJrHOq9I pic.twitter.com/H4i3Brb1Ji
— ANI (@ANI) April 1, 2025
सूत्रों का कहना है कि इस कार्रवाई में पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ है. हाल के महीनों में यह पहला मौका है जब भारतीय सेना ने संघर्ष विराम उल्लंघन की पुष्टि की है. इससे पहले, इसी वर्ष फरवरी में कृष्णा घाटी सेक्टर में ऐसी ही घटनाएँ सामने आई थीं.
भारतीय सेना पूरी तरह सतर्क
भारतीय सेना के प्रवक्ता ने बताया कि ” 1 अप्रैल को, एलओसी के पार पाकिस्तानी सेना की घुसपैठ के कारण कृष्णा घाटी सेक्टर में एक माइन ब्लास्ट हुआ, जिसके बाद पाकिस्तानी सेना ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी. भारतीय सेना ने संतुलित और प्रभावी तरीके से जवाब दिया. स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सेना सतर्कता से निगरानी कर रही है.”
एलओसी पर गोलीबारी में वृद्धि
पिछले दो महीनों में दक्षिणी पीर पंजाल क्षेत्र में सीमा पार से गोलीबारी की घटनाएँ तेजी से बढ़ी हैं. इन घटनाओं में पाकिस्तान द्वारा स्नाइपिंग, गोलीबारी और बॉर्डर एक्शन टीम (BAT) के हमलों की कोशिशें शामिल हैं. भारतीय सेना के सूत्रों के मुताबिक, इन सभी घटनाओं से स्थानीय स्तर पर तुरंत और प्रभावी तरीके से निपटा जा रहा है.
संघर्ष विराम समझौते की बढ़ती अनदेखी
फरवरी 2021 में भारत और पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशकों (DGMO) के बीच संघर्ष विराम समझौते की पुष्टि की गई थी. इस समझौते का उद्देश्य नियंत्रण रेखा पर शांति बनाए रखना और तनाव को कम करना था.
हालांकि, हाल ही में पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाओं में वृद्धि हुई है, विशेष रूप से दक्षिणी पीर पंजाल क्षेत्र में, जिससे समझौते की स्थिरता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. भारतीय सेना पूरी मुस्तैदी से सीमा पर तैनात है और किसी भी प्रकार की घुसपैठ या उकसावे का करारा जवाब देने के लिए तैयार है.
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-भारत एक्सप्रेस
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