दिल्ली हाईकोर्ट.
दिल्ली हाईकोर्ट ने मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच संघर्ष से जुड़े एक मामले में यूएपीए (Unlawful Activities Prevention Act) के तहत गिरफ्तार आरोपी मोइरंगथेम आनंद सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी है. आनंद सिंह पर मणिपुर के राज्य शस्त्रागार से हथियार लूटने का आरोप है. जांच में यह भी सामने आया कि वह प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) का सक्रिय सदस्य है.
पुलिस अधिकारी बनकर कर रहा था धोखाधड़ी
आरोपी को पुलिस की वर्दी पहनकर खुद को अधिकारी बताने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि वह PLA संगठन से जुड़ा हुआ है. उसके पास से राज्य शस्त्रागार से लूटे गए हथियार भी बरामद किए गए थे. निचली अदालत से जमानत याचिका खारिज होने के बाद उसने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
कोर्ट ने क्यों खारिज की जमानत याचिका?
न्यायमूर्ति प्रतिबा मनिंदर सिंह और न्यायमूर्ति अमित शर्मा की पीठ ने कहा कि आरोपी को उस समय गिरफ्तार किया गया था जब मणिपुर में जातीय हिंसा चरम पर थी. राज्य में पुलिस स्टेशनों और शस्त्रागारों से करीब 4000 हथियार लूटे गए थे, जिनमें से कुछ आरोपी के पास से बरामद हुए. कोर्ट ने यह माना कि आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया मजबूत मामला बनता है.
आरोपी की गिरफ्तारी से बिगड़ी थी कानून-व्यवस्था
कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मणिपुर में 48 घंटे का बंद बुलाया गया था. इसका स्थानीय लोगों के बीच काफी प्रभाव है. ऐसी स्थिति में अगर उसे जमानत पर रिहा किया गया तो कानून-व्यवस्था और भी खराब हो सकती है. इसके अलावा, उसके फरार होने और गवाहों को प्रभावित करने की आशंका भी बनी हुई है. इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी.
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-भारत एक्सप्रेस
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