केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी.
सुप्रीम कोर्ट ने 2021 में बॉम्बे हाई कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें 2019 लोकसभा चुनावों में उनके चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ दायर चुनाव याचिका में लगाए गए कुछ आरोपों को हटा दिया था.
कोर्ट ने कहा कि हमारा यह मानना है कि हाई कोर्ट द्वारा पारित 26 फरवरी 2021 के आदेश में हस्तक्षेप करने की कोई आवश्यकता नही है. ऐसे में सिविल अपील को खारिज किया जाता है. दो याचिकाओं में से एक याचिका नागपुर निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता नफीस खान ने दायर की थी. दूसरी याचिका 2019 में गडकरी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों दायर की थी.
हाई कोर्ट के आदेश में ‘कोई गलती नहीं’ – सुप्रीम कोर्ट
मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि चुनाव याचिका में दी गई दलीलों पर हाई कोर्ट ने गौर नही किया. यह मामला 2019 लोकसभा चुनाव से संबंधित है. मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि हमें यह बताए कि आदेश में क्या गलत है? जिसपर वकील ने एक संपत्ति का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने इसे एचयूएफ के तहत बताया है, लेकिन यह उनके निजी नाम पर थी.
जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि हाई कोर्ट द्वारा दिया गया फैसला बिल्कुल सही है. हम खुलासा न करने की बात समझ सकते हैं, लेकिन उन्होंने इसका खुलासा किया. आरोप है कि गडकरी ने कृषि कार्य से संबंधित आमदनी, अचल संपदा यानी भूखंड और भवन जिनका जिक्र गडकरी ने अपने नामांकन के समय दिए गए शपथ पत्र में नहीं किया था. हाई कोर्ट ने इसे सुनवाई से हटा दिया था. जिसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. गडकरी ने 2019 लोकसभा चुनावों में पटोले को 1.97लाख मतों से हराया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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