संभल/लखनऊ। भगवान परशुराम के जन्मोत्सव पर जनपद संभल में भव्य शोभा यात्रा और विशाल ब्राह्मण समाज जनसभा का आयोजन हुआ. इस कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय जनता पार्टी के सांसद एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने किया. उन्होंने भगवान परशुराम की प्रतिमा की स्थापना और पूजन में भाग लिया.
परशुराम ने आततायियों का नाश किया
सभा को संबोधित करते हुए डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि भगवान परशुराम ने किसी जाति विशेष का नहीं, बल्कि अन्यायी और आततायी शासकों का विनाश किया था. उन्होंने इक्ष्वाकु वंश के क्षत्रियों को अभयदान भी दिया था. वे सदैव शोषितों और पीड़ितों के साथ खड़े रहे. उन्होंने कहा कि आज के संदर्भ में हमें भगवान परशुराम को अगड़ा, पिछड़ा, दलित, शोषित सभी के रक्षक के रूप में समझना चाहिए.
ब्राह्मण समाज: संस्कृति का रक्षक
डॉ. शर्मा ने ब्राह्मण समाज की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि ब्राह्मण समाज सदियों से संस्कृति और संस्कारों का संरक्षण करता आ रहा है. जब विदेशी आक्रांताओं ने शास्त्रों को जलाया, तब ब्राह्मणों ने उन्हें कंठस्थ कर अगली पीढ़ी तक पहुंचाया. उन्होंने कहा कि ब्राह्मण वह है जो वेद-पुराण का अध्ययन करे, बड़ों का सम्मान करे और समाज के हर वर्ग की सेवा को तत्पर रहे.
ब्राह्मणदेवता की परंपरा को समझें
डॉ. शर्मा ने कहा कि एक समय था जब ब्राह्मण गांवों में डॉक्टर, वैद्य, सलाहकार और शिक्षक की भूमिका निभाते थे. वे न्याय का समाधान भी करते थे. इसी कारण उन्हें ‘ब्राह्मणदेवता’ कहा गया. आज जब कुछ लोग सनातन संस्कृति को अपमानित करने का प्रयास कर रहे हैं, तो हमें भगवान परशुराम की भूमिका और ब्राह्मण समाज के योगदान को सही रूप में प्रस्तुत करना होगा.
उपस्थित गणमान्य लोग
इस अवसर पर भाजपा नगर अध्यक्ष ललित मोहन शर्मा, जिला अध्यक्ष हरेंद्र रिंकू, पूर्व एमएलसी परमेश्वर सैनी, नगर पालिका अध्यक्ष राजेश शंकर राजू, परशुराम सेवा समिति अध्यक्ष गौरव शर्मा, सुगंधा रावत, पूर्व विधायक राजू यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती यादव समेत कई गणमान्य जन उपस्थित रहे.
-भारत एक्सप्रेस
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