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हापुड़ की मोनाड यूनिवर्सिटी पर STF की बड़ी कार्रवाई, चेयरमैन विजेंद्र सिंह हुड्डा फर्जी डिग्री घोटाले में गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश की हापुड़ स्थित मोनाड यूनिवर्सिटी में फर्जी डिग्री घोटाले का खुलासा, STF ने चेयरमैन विजेंद्र सिंह हुड्डा को किया गिरफ्तार.

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उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने मोनाड यूनिवर्सिटी, हापुड़ के चेयरमैन विजेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. उन्हें फर्जी डिग्रियां बेचने के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया गया है. STF की टीम ने जब यूनिवर्सिटी में छापा मारा, तो वहां से करीब 1500 से भी ज्यादा नकली डिग्रियां बरामद की गईं. जांच में सामने आया कि ये डिग्रियां 50 हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक की कीमत में लोगों को बेची जा रही थीं.

पहले भी रह चुका है 5 लाख का इनामी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, विजेंद्र सिंह हुड्डा का नाम पहले भी कई विवादों में आ चुका है. साल 2019 के चर्चित बाइक बोट घोटाले में उसपर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था. अब एक बार फिर वह सुर्खियों में है. STF ने विजेंद्र समेत यूनिवर्सिटी से जुड़े 10 लोगों को गिरफ्तार किया है. ये लोग फर्जी डिग्रियां बनाकर LLB, B.Pharma, D.Pharma, B.Tech जैसे कोर्स की डिग्रियां बेच रहे थे.

STF को शक है कि इन डिग्रियों के जरिए कई लोग सरकारी और निजी कंपनियों में नौकरियां हासिल कर चुके हैं. STF अब यूनिवर्सिटी के डेटाबेस को खंगाल रही है ताकि पता लगाया जा सके कि बीते दो सालों में किन-किन कोर्स की कितनी फर्जी डिग्रियां जारी की गई हैं और इनका इस्तेमाल कहां-कहां किया गया है.

STF प्रमुख को मिली थी लिखित शिकायत

STF प्रमुख अमिताभ यश को इस घोटाले की एक लिखित शिकायत मिली थी, जिसके बाद मेरठ यूनिट ने मामले की जांच शुरू की. जांच में जब पर्याप्त सबूत सामने आए तो STF की कई टीमों ने एक साथ छापेमारी कर पूरे रैकेट का भंडाफोड़ कर दिया.

जानकारी के अनुसार, बाइक बोट घोटाले में फंसने के बाद विजेंद्र सिंह हुड्डा लंदन भाग गया था. लेकिन साल 2022 में कोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह लौट आया और हापुड़ के पिलखुआ इलाके में मोनाड यूनिवर्सिटी की शुरुआत की. इसके बाद उसने डिग्री घोटाले को अंजाम देना शुरू कर दिया.

इस मामले में विजेंद्र की करीबी मानी जाने वाली दीप्ति बहल का नाम भी सामने आया है, जो अभी भी फरार है और उस पर भी 5 लाख रुपये का इनाम घोषित है. माना जा रहा है कि वह भी इस रैकेट में शामिल थी और STF उसकी तलाश में जुटी है.

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-भारत एक्सप्रेस



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