Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

प्रयागराज में पहली बार आयोजित हुई आर्थोप्लास्टी मीट, रोबोटिक तकनीक पर केंद्रित रहा कार्यक्रम

प्रयागराज में पहली बार आयोजित आर्थोप्लास्टी मीट में देशभर के विशेषज्ञों ने भाग लिया. रोबोटिक सर्जरी, घुटना प्रत्यारोपण और उन्नत तकनीकों पर विस्तृत चर्चा हुई.

Prayagraj Arthroplasty Meet

प्रयागराज, 25 मई: प्रयागराज में रविवार को पहली बार आर्थोप्लास्टी मीट का आयोजन हुआ. यह कार्यक्रम प्रयागराज ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के तत्वावधान में यूपी ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन और इंडियन ऑर्थोप्लास्टी एसोसिएशन द्वारा होटल कान्हा श्याम में आयोजित किया गया.

उद्घाटन में देशभर के विशेषज्ञ शामिल

कार्यक्रम का उद्घाटन इंडियन ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अनूप अग्रवाल ने किया. उनके साथ यूपीओए अध्यक्ष डॉ. पीयूष मिश्रा और आईएए अध्यक्ष डॉ. संजीव जैन भी मौजूद रहे. आयोजन सचिव डॉ. मनीष बंसल ने बताया कि इस मीट में देशभर से 200 से ज्यादा विशेषज्ञ और प्रतिनिधि शामिल हुए. कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. केडी त्रिपाठी और डॉ. कपिल कुलश्रेष्ठ ने की.

वैज्ञानिक सत्र में हुई तकनीकी चर्चाएं

सम्मेलन के वैज्ञानिक अध्यक्ष प्रो. डीसी श्रीवास्तव ने बताया कि कार्यक्रम में घुटने और जोड़ों की सर्जरी में इस्तेमाल होने वाली नई तकनीकों पर चर्चा की गई. सम्मेलन में प्रमुख विशेषज्ञों में शामिल रहे: डॉ. अनिल अरोड़ा, मैक्स अस्पताल, नई दिल्ली, डॉ. विजय कुमार, एम्स, डॉ. सीएस यादव, डॉ. संजीव जैन, मुंबई, डॉ. राजकुमार नटेसन, कोयंबटूर, डॉ. ई. कृष्ण किरण, हैदराबाद, डॉ. अनिल थॉमस, सीएमसी वेल्लोर, डॉ. करुण जैन, डॉ. जुझार सिंह, डॉ. आशीष कुमार, डॉ. देवव्रत पाधी, डॉ. एससी गोयल, डॉ. अमित रस्तोगी, डॉ. संजय यादव और डॉ. अजय सहगल.

रोबोटिक तकनीक पर विशेष जोर

इस आयोजन में रोबोटिक तकनीक को विशेष महत्व दिया गया. विशेषज्ञों ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी से सटीकता बढ़ती है और रोगियों की रिकवरी जल्दी होती है. डॉ. किरण जैन ने बताया कि यह तकनीक घुटने की सर्जरी में क्रांति ला रही है. मरीज कुछ ही दिनों में काम पर लौट सकते हैं. एक प्रतिनिधि ने कहा, “रोबोटिक सर्जरी महंगी जरूर है, लेकिन जैसे-जैसे तकनीक बढ़ेगी, इसकी लागत भी घटेगी.”

कुछ विशेषज्ञों की राय भिन्न

एक विशेषज्ञ ने कहा कि पारंपरिक तकनीकें अब भी भरोसेमंद हैं. उन्होंने माना कि रोबोटिक सर्जरी अभी विकासशील है, लेकिन भविष्य में यह मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी. इस कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण डॉ. अनिल अरोड़ा का कलावती मेमोरियल व्याख्यान रहा. उन्होंने अब तक 12,000 से ज्यादा जोड़ प्रतिस्थापन किए हैं. अपने अनुभवों से उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया.

सम्मेलन का उद्देश्य

सम्मेलन का उद्देश्य जोड़ प्रत्यारोपण सर्जरी में नई तकनीकों को साझा करना, और चिकित्सकों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना था. कार्यक्रम के अंत में आयोजन अध्यक्ष डॉ. केडी त्रिपाठी ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम भारत में आर्थोपेडिक उपचार के स्तर को ऊंचा उठाने की दिशा में बड़ा कदम हैं.

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital