भारत सरकार ने RoDTEP (Remission of Duties and Taxes on Exported Products) योजना के तहत निर्यातोन्मुख इकाइयों (EOU), विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) इकाइयों और अडवांस ऑथराइजेशन (AA) धारकों को फिर से टैक्स रिफंड का लाभ देने का फैसला किया है. यह निर्णय 1 जून 2025 से प्रभावी होगा.
विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की अधिसूचना के अनुसार, इन श्रेणियों के निर्यातकों को छह महीने के अंतराल के बाद RoDTEP योजना का लाभ फिर से मिलेगा. इस योजना का पिछला कार्यकाल 31 दिसंबर 2024 को समाप्त हो गया था, जिसके बाद निर्यातकों द्वारा इसका लाभ बहाल करने की लगातार मांग की जा रही थी.
RoDTEP योजना का उद्देश्य उन केंद्रीय, राज्य और स्थानीय करों और शुल्कों की वापसी करना है जो उत्पाद के निर्यात मूल्य में शामिल हो जाते हैं. यह योजना पहले लागू Merchandise Exports from India Scheme (MEIS) की जगह लाई गई थी, जिसे अमेरिका ने WTO में चुनौती दी थी.
इस योजना के तहत 0.3% से 3.9% तक का रिफंड उत्पाद के निर्यात मूल्य पर निर्भर करता है. RoDTEP योजना की शुरुआत 2021 में हुई थी और अब तक इसमें कई बार बदलाव और विस्तार हो चुका है. पिछली बार इस योजना को 30 सितंबर 2024 को एक साल के लिए बढ़ाया गया था, लेकिन SEZs, EOUs और AA धारकों के लिए यह विस्तार केवल दिसंबर 2024 तक ही था.
इस योजना के तहत मिलने वाला लाभ ट्रांसफरेबल ड्यूटी क्रेडिट स्क्रिप के रूप में दिया जाता है, जिसका उपयोग आयात शुल्क चुकाने या बाजार में बेचने के लिए किया जा सकता है. RoDTEP योजना एक बजटीय ढांचे के तहत संचालित होती है.
भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ (FIEO) के अध्यक्ष एस.सी. राल्हन ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा, “RoDTEP लाभों की वापसी EOU, SEZ और AA निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक कीमत देने में मदद करेगी. इस समय जब वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता और प्रतिस्पर्धा बढ़ी है, यह कदम भारतीय निर्यात को नई गति देगा और वैश्विक व्यापार में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने में सहायक होगा.”
-भारत एक्सप्रेस
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