छत्तीसगढ़ शराब मामले में व्यवसायी व आरोपी अनवर ढेबर की ओर से दायर जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 23 जुलाई को को सुनवाई करेगा. मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि अनवर ढेबर को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जमानत मिल चुकी है, लिहाज ईओडब्ल्यू के मामले में उन्हें जमानत प्रदान की जाए.
ईओडब्ल्यू ने शराब घोटाले से संबंधित मामले में अनवर ढेबर को रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी. पूछताछ खत्म होने के बाद ढेबर को अप्रैल में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. निचली अदालत में सुनवाई के दौरान अनवर ढेबर के वकील ने गिरफ्तारी की तारीख पर सवाल उठाया था. साथ ही नियम कानून को ताक पर रखकर पूरी कार्रवाई करने का आरोप लगाया था.
साथ ही उन्होंने विशेष न्यायाधीश को बताया था कि इस घोटाले से संबंधित मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने पहले ही पूछताछ कर चुकी है. दरअसल ईओडब्ल्यू एसीबी ने 70 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है. पूर्व में प्रवर्तन निदेशालय की ओर से शराब घोटाला मामले में अनवर ढेबर को ईओडब्ल्यू ने 4 अप्रैल को गिरफ्तार किया था.
ACB और EOW की टीम ने 4 जिलों के 21 जगहों पर छापेमारी की थी, इनमें रायपुर में नौ, दुर्ग भिलाई में सात, बिलासपुर में चार और राजनांदगांव में एक जगह पर छापेमारी की थी.
देरी के आधार पर मिली ज़मानत
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी रायपुर के पूर्व मेयर एजाज ढेबर के भाई और व्यवसायी अनवर ढेबर को जमानत दे दिया था. ईडी द्वारा दर्ज ECIR के आधार पर अनवर ढेबर को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.
सुप्रीम कोर्ट में.सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से यह दलील दी गई कि मामले में लगातार देरी हो रही है और अभियोजन की ओर से अभी तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है. इसी आधार पर कोर्ट ने जमानत दे दिया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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