दिल्ली हाई कोर्ट ने आतंकी फंडिंग मामले में अलगाववादी नेता शब्बीर शाह को राहत देने से इनकार कर दिया है. जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस शालिंदर कौर की बेंच ने शाह की जमानत याचिका खारिज कर दी.
शब्बीर शाह ने पटियाला हाउस कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील दायर की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया. शाह के खिलाफ 24 मामले दर्ज हैं, जिनमें से 18 में आरोप लगे हैं, तीन लंबित हैं, और तीन खारिज हो चुके हैं. शाह 2019 से तिहाड़ जेल में बंद है, और उनके खिलाफ कोई अपराध साबित नहीं हुआ है.
वरिष्ठ वकील कॉलिन गोंजाल्विस ने दलील दी कि 400 गवाहों में से केवल 15 की गवाही पूरी हुई है, इसलिए ट्रायल लंबा चलेगा और शाह को जमानत मिलनी चाहिए. हालांकि, एनआईए ने जमानत का विरोध करते हुए कहा था कि ये एक गंभीर अपराध है, जिसमें पाकिस्तान समेत दूसरे देशों से कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए टेरर फंडिंग को अंजाम दिया गया.
इस अपराध में शब्बीर शाह ने खास भूमिका निभाई. शब्बीर शाह जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद के भी संपर्क में था. शब्बीर शाह दो मामलों में तिहाड़ जेल में बंद है. उस पर टेरर फंडिंग का आरोप है. साथ ही ईडी ने उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मामला दर्ज किया था.
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