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क्या है इस ताल में…अखिर क्यों यहां जाना है मना, जानिए राक्षस ताल का इतिहास

आप सभी ने कैलाश पर्वत पर स्थित मानसरोवर झील के बारे में सुना होगा. मानसरोवर झील जो सकारात्मक उर्जा का एहसास दिलाता है.

Rakshas Tal Lake, Tibet

Rakshas Tal Lake, Tibet

Edited by Akansha

आप सभी ने कैलाश पर्वत पर स्थित मानसरोवर झील के बारे में सुना होगा. मानसरोवर झील जो सकारात्मक उर्जा का एहसास दिलाता है. लेकिन क्या आपको पता है कैलाश पर्वत पर मानसरोवर झील के नजदीक ही एक ताल है जिसका नाम राक्षस ताल है.

क्या है राक्षस ताल?

राक्षस ताल कैलाश में स्थित मानसरोवर झील के पश्चिम में स्थित है जिसकी गहराई 150 फीट है और क्षेत्र लगभग 255 वर्ग किलोमीटर के में बना हुआ है. इस ताल को राक्षसों के राजा रावण के नाम से भी जाने के कारण रावण ताल भी कहा जाता है.

कैसे बना राक्षस ताल?

हालांकी इसके निर्माण का कोइ पुख्ता सबूत तो नहीं है लेकिन इसके निर्माण से जुड़ी कई कहानियां प्रसिद्ध है. ऐसा माना जाता है कि जब रावण महादेव को प्रसन्न करने के लिए तपस्या करने यहां आया था तब उसने इसका निर्माण किया था. उसने इसमें ही स्नान करके अपनी तपस्या शुरु की थी. जिसके कारण झील में नकारात्मक शक्तियों का वास हो गया.

मानसरोवर से जोड़ती है गंगा छु

राक्षस ताल और मानसरोवर झील को गंगा छु नामक एक छोटी सी नदी जोड़ती है. लेकिन जहां मानसरोवर झील के आस पास के क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा प्रवाहित होती है वहीं, इससे महज कुछ किलोमीटर दूर स्थित राक्षस ताल नकारात्मकता और अंधेरे का प्रतीक बना हुआ है. ये भी माना जाता है कि गंगा छु नदी को ऋशियों द्वारा बनाया गया था ताकी उसमें मानसरोवर का शुद्ध और पवित्र पानी मिल सके.

मानसरोवर से कैसे अलग है ये ताल?

हालांकी मानसरोवर झील एवं राक्षस ताल एक ही वातावरण और एक जैसी ऊंचाई पर है लेकिन, दोनों की प्रवत्ति एक दुसरे के एकदम विपरीत है. अभी तक इसके पीछे का रहस्य सुलझ नहीं पाया है. यहां तक विज्ञान भी इसकी गुत्थी को सुलझा नहीं पाया है.

जहां मानसरोवर का पानी पवित्र और शुद्ध माना जाता है वहीं राक्षस ताल के आस पास भी जाना लोगों के लिए निषेध है. मानसरोवर एक मीठे पानी वाला झील है पर एक दुसरे से जुड़े होने के बावजूद राक्षस ताल का पानी खारा एवं अशुद्ध है. जहां मानसरोवर मछलियों और वनस्पतियों से भरी हुई है वहीं राक्षस ताल में इनका कोई नामो-निशान तक नहीं है.



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