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निशिकांत दुबे के ‘पटक-पटक’ कर मारे जाने वाले बयान पर उद्धव ठाकरे का पलटवार, कहा- कुछ लकड़बग्घा कर रहा विवाद

झारखंड के गोड्डा से भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे पर विवादित बयान दे डाला है. जिसके बाद उद्धव ठाकरे ने पलटवार किया है.

महाराष्ट्र में भाषा विवाद वृहद रूप लेता जा रहा है. पहले इस विवाद की आग केवल महाराष्ट्र (Maharashtra) में नेताओं के बीच थी, लेकिन अब ये आग दिल्ली होते हुए बिहार-झारखंड (Bihar-Jharkhand) तक पहुंच गई है. झारखंड के गोड्डा से भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे (Nishikant Dubey) ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे पर विवादित बयान दे डाला है. उन्होंने ठाकरे को चुनौती देते हुए कहा कि अगर दम है तो बिहार आकर दिखाएं. उनको यूपी-बिहार में पटक-पटक कर पीटा जाएगा.

उद्धव ठाकरे का पलटवार

वहीं अब निशिकांत दुबे के बयान ने सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है. दुबे के बयान के बाद उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) अपने भाई राज ठाकरे (Raj Thackeray) के पक्ष में खड़े हो गए हैं और पलटवार भी किया है. उन्होंने कहा कि कुछ लकड़बग्घे माहौल बिगाड़ रहे हैं. आगे कहा कि ऐसे लोगों की बातों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है. उन्होंने ये भी कहा कि ये लोग मराठी भाषा के दुश्मन हैं. हम लोग तो किसी भी भाषा का विरोध नहीं कर रहे हैं. हमारे पार्टी के सभी सांसद भी हिंदी में ही बात करते हैं.

निशिकांत दुबे का बयान

निशिकांत दुबे ने कहा कि आप ये कैसे कह सकते हैं कि मराठी बोलना ज़रूरी है? आप जरा खुद सोचिए आप किसकी रोटी खा रहे हैं? वहां टाटा, बिरला, रिलायंस जैसे बड़े-बड़े ग्रुप हैं, लेकिन उनकी फैक्ट्रियां महाराष्ट्र में नहीं हैं. उनलोगों की फैक्ट्रियां हमलोगों के राज्यों में हैं. उन्होंने आगे कहा कि टाटा ने तो पहली फैक्ट्री बिहार में लगाई थी. आप लोग हमारे पैसों पर पल रहे हो. बताइए, आप कौन सा टैक्स देते हो? आपके पास कौन सी बड़ी इंडस्ट्री है? खदानें भी झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और ओडिशा के पास है. आपके पास क्या है?

BMC चुनाव के लिए ये विवाद- दुबे

निशिकांत दुबे ने कहा कि बीएमसी का चुनाव आने वाला है और जो कुछ उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे कर रहे हैं, वो बहुत ही घटिया है. हम इसका विरोध करते हैं. अगर वाकई हिम्मत है तो माहिम इलाके में जाकर, दरगाह के सामने किसी हिंदी या उर्दू बोलने वाले को मारकर दिखाएं, तब मैं मानूंगा कि वो सच में बाला साहब ठाकरे के वारिस हैं और उनके रास्ते पर चल रहे हैं.

-भारत एक्सप्रेस



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