America Iran War News: अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के लिए अर्ली वोटिंग (शुरुआती मतदान) की शुरुआत के साथ ही मिडिल ईस्ट का संग्राम अपने सबसे खतरनाक और नाजुक मोड़ पर पहुंच गया है. दरअसल हालिया घटना में अमेरिकी विदेश मंत्रालय और जोर्डन स्थित अमेरिकी दूतावास ने पूरे वेस्ट एशिया क्षेत्र में रह रहे अमेरिकी नागरिकों के लिए इरर्जेंट सिक्योरिटी अलर्ट जारी कर दिया है.
पूरे इलाके में किसी भी समय एयरस्पेस बंद होने, उड़ानें रद्द होने और भयानक सैन्य संघर्ष शुरू होने की चेतावनियों ने पूरी दुनिया की धड़कनें बढ़ा दी हैं.
ईरान पर बड़ी स्ट्राइक की सुगबुगाहट(America Iran War News)
पेंटागन और अमेरिकी रक्षा सूत्रों के हवाले से आ रही खबरों ने तेहरान की नींद उड़ा दी है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अब तक का सबसे भीषण हमला करने का प्लान तैयार कर लिया है, जिसमें GBU-43/B यानी ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब’ के इस्तेमाल तक के विकल्प शामिल हैं.
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को ‘ग्रेट वॉरियर’ और ‘पार्टनर फॉर पीस’ बताते हुए ईरान को ‘काम जल्द पूरा करने’ की चेतावनी दिए जाने के बाद युद्ध के इस नए मोर्चे की सुगबुगाहट और तेज हो गई है.
ईरान की सख्त चेतावनी क्या?
अमेरिकी धमकियों के जवाब में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बेहद तल्ख लहजे में पलटवार किया है. अराघची ने लिखा कि पिछली बार भी जब तुमने काम पूरा करने की बात कही थी, तब ईरान और भी मजबूत होकर उभरा था. दोबारा किस्मत आजमाना चाहते हो? तो शौक से आओ! लेकिन याद रखना, हमारे पास भी कुछ अधूरे काम बाकी हैं.
इसके साथ ही उन्होंने वाशिंगटन पर नेतन्याहू के उकसावे में आकर एक और विनाशकारी युद्ध की ओर बढ़ने का आरोप लगाया है.
12 देशों में जारी हुआ अलर्ट
सऊदी अरब के रियाद, जेद्दा और दम्माम के हवाई अड्डों पर हाल ही में हुए मिसाइल और ड्रोन (UAV) हमलों के बाद अमेरिकी दूतावासों ने एहतियात बरतनी शुरू कर दी है. जॉर्डन, सऊदी अरब, बहरीन, कतर, यूएई और ओमान समेत 12 से ज्यादा देशों में रह रहे अमेरिकी नागरिकों को तुरंत अपने ट्रैवल प्लान का रिव्यू करने, एयरपोर्ट्स की जानकारी लेते रहने और अमेरिकी मिशनों के STEP (Smart Traveler Enrollment Program) से जुड़ने की हिदायत दी गई है. इसके साथ ही सऊदी में किसी भी मिसाइल इंटरसेप्शन या हमले की फोटो/वीडियो शेयर करने पर कानूनी कार्रवाई और जेल जाने की चेतावनी भी दी गई है.
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क्यों बढ़ा जंग का खतरा?
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में शुरू हो चुके 2026 के मिडटर्म इलेक्शन की टाइमिंग ने इस युद्ध के खतरे को और बढ़ा दिया है. मिडटर्म वोटिंग के दौरान दोनों अमेरिकी राजनीतिक दल घरेलू मतदाताओं को प्रभावित करने और अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कड़ा रुख अपना रहे हैं. हालांकि, वेस्ट एशिया के आसमान पर मंडरा रहे बारूद के बादलों से अब पूरी दुनिया सहमी हुई है.
– भारत एक्सप्रेस
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