स्वाति मालीवाल और विभव कुमार.
दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने स्वाति मालीवाल से मारपीट के मामले में कथित आरोपी बिभव कुमार को विदेश यात्रा की अनुमति दे दी है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि बिभव कुमार को 3 से 15 अगस्त 2025 तक परिवार के साथ श्रीलंका जाने की अनुमति दी जाती है.
कोर्ट में जज ने टिप्पणी की कि यह न केवल आरोपी का अधिकार है, बल्कि परिवार के प्रति उसका कर्तव्य भी है कि वह उन्हें पारिवारिक छुट्टियों पर ले जाए. बिभव ने कोर्ट में याचिका दायर कर यह अनुमति मांगी थी, जिसमें उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह देश लौटने के बाद सभी शर्तों का पालन करेंगे और जांच में सहयोग देंगे.
स्वाति मालीवाल से मारपीट का आरोप
बिभव कुमार पर 13 मई 2024 को दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक आवास पर स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट और गाली-गलौज करने का आरोप है. मालीवाल ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद बिभव को हिरासत में लिया गया था. वर्तमान में वह जमानत पर रिहा हैं. पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 308, 354, 354B, 506, 509, 341 और 201 के तहत चार्जशीट दायर की है.
बिभव के खिलाफ चार्जशीट और सबूत
पुलिस ने 500 पेज की चार्जशीट दायर की, जिसमें 100 गवाहों की सूची शामिल है. सबूत के तौर पर बिभव का मोबाइल फोन, सिम कार्ड और मुख्यमंत्री आवास के सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर/एनवीआर जब्त किया गया. 30 जुलाई 2024 को मजिस्ट्रेट कोर्ट ने चार्जशीट पर संज्ञान लिया था.
पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी गई
बिभव ने तीस हजारी कोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दायर की थी, जिसमें दावा किया गया कि नए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के बजाय पुरानी आपराधिक प्रक्रिया संहिता के तहत संज्ञान लिया गया, जो यांत्रिक और दोषपूर्ण है. हालांकि, कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी.
कोर्ट ने बिभव को श्रीलंका यात्रा की अनुमति दी, लेकिन जांच में सहयोग और शर्तों का पालन करने का निर्देश दिया. इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख तय की जाएगी.
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