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राष्ट्रपति ट्रंप पर रैली के दौरान हुए जानलेवा हमले को लेकर सामने आई सीनेट रिपोर्ट, सीक्रेट सर्विस के बारे में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

समिति की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि यूएसएसएस ने चुनाव अभियान के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों, एसेट्स और संसाधनों के कई अनुरोधों को अस्वीकार कर दिया था.

राष्ट्रपति ट्रंप पर रैली के दौरान हुए जानलेवा हमले को लेकर सामने आई सीनेट रिपोर्ट, सीक्रेट सर्विस के बारे में हुआ चौंकाने वाला खुलासा - भारत एक्सप्रेस

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अमेरिकी सीनेट ने पिछले साल एक चुनावी रैली के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हुए जानलेवा हमले की जांच के निष्कर्षों की रिपोर्ट जारी की है, जिसमें अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के संचालन और तैयारियों में विफलताओं को उजागर किया गया है. इस घटना को ट्रंप की सुरक्षा में एक गंभीर चूक बताया गया है.

सीनेट ने जारी की फाइनल रिपोर्ट

अमेरिकी सीनेटर रैंड पॉल ने रविवार को समिति की अंतिम रिपोर्ट जारी की, जिसमें अमेरिकी सीक्रेट सर्विस (यूएसएसएस) की विफलताओं का जिक्र है. इन्हीं विफलताओं के कारण 13 जुलाई 2024 को पेंसिल्वेनिया के बटलर में डोनाल्ड ट्रंप पर जानलेवा हमला हुआ था. रैंड पॉल सीनेट की होमलैंड सिक्योरिटी एंड गवर्नमेंटल अफेयर्स कमेटी (एचएसजीएसी) के अध्यक्ष भी हैं.

सीक्रेट सर्विस को मिली थी पहले ही सूचना

रिपोर्ट के अनुसार, 13 जुलाई 2024 को एक बंदूकधारी बटलर में ट्रंप की रैली के पास अमेरिकन ग्लास रिसर्च बिल्डिंग की छत पर चढ़ गया और गोलीबारी शुरू कर दी. इस गोलीबारी में ट्रंप समेत चार लोग घायल हो गए. दमकलकर्मी कोरी कॉम्पेरेटोरे की मौत हो गई. रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि 25 मिनट पहले ही सीक्रेट सर्विस को संदिग्ध हमलावर के बारे में सूचना दी गई थी. संदिग्ध के पास रेंजफाइंडर भी था.

इस हमले के बाद, अमेरिकी सीनेट की होमलैंड सिक्योरिटी एंड गर्वमेंटल अफेयर्स (समिति) और अमेरिकी सीनेट की जांच पर स्थायी उपसमिति (पीएसआई) ने एक संयुक्त-द्विपक्षीय जांच शुरू की. चेयरमैन पॉल ने कहा, “बटलर में जो हुआ, वह सिर्फ एक ट्रेजेडी नहीं थी. यह एक स्कैंडल था. यूनाइटेड स्टेट्स सीक्रेट सर्विस विश्वसनीय खुफिया जानकारी पर कार्रवाई करने में विफल रही. वह स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय करने में विफल रही. एक ऐसे हमले को रोकने में विफल रही, जिसने एक ट्रंप की लगभग जान ले ही ली थी.”

उन्होंने आगे कहा, “इन नाकामियों के बावजूद, किसी को भी नौकरी से नहीं निकाला गया. हम सिर्फ इतना जानते हैं कि मेरी ओर से समन जारी करने के कारण ही थोड़ी-बहुत सजा दी गई. यह अस्वीकार्य है. यह फैसला लेने में कोई एक चूक नहीं थी. यह हर स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की पूरी तरह से विफलता थी, जिसे नौकरशाही की उदासीनता, स्पष्ट प्रोटोकॉल की कमी और प्रत्यक्ष खतरों पर कार्रवाई से चौंकाने वाली अनिच्छा ने और बढ़ा दिया. हमें लोगों को जवाबदेह ठहराना होगा. यह सुनिश्चित करना होगा कि सुधार पूरी तरह से लागू हों, ताकि ऐसा दोबारा न हो.”

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समिति की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि यूएसएसएस ने चुनाव अभियान के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों, एसेट्स और संसाधनों के कई अनुरोधों को अस्वीकार कर दिया था.

रिपोर्ट में कहा गया, “समिति को उपलब्ध कराए गए यूएसएसएस दस्तावेजों के अनुसार, यूएसएसएस हेडक्वार्टर ने 2024 के चुनाव अभियान के दौरान अतिरिक्त संसाधनों के लिए डोनाल्ड ट्रंप डिवीजन (डीटीडी) के कम से कम 10 अनुरोधों को अस्वीकार कर दिया या पूरा नहीं किया, जिनमें उन्नत काउंटर-अनमैन्ड एरियल सिस्टम (सी-यूएएस) एसेट्स, काउंटर असॉल्ट टीम (सीएटी) के कर्मचारी और काउंटर स्नाइपर कर्मचारी शामिल हैं.” रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि यह कोई एक गलती नहीं थी, बल्कि यह रोकी जा सकने वाली असफलताओं का एक सिलसिला था.

-भारत एक्सप्रेस



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