मई 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने जिस तरह से ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया है उसने पूरी दुनिया को भारत की सैन्य ताकत का नया चेहरा दिखा दिया है. भारतीय वायुसेना ने राफेल फाइटर जेट्स, ब्रह्मोस मिसाइलों और आत्मघाती ड्रोन के माध्यम से पाकिस्तान और PoK में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों को पल भर में तबाहकर डाला. नतीजे क्या हुआ? 100 से ज्यादा आतंकियों का खात्मा, 11 पाकिस्तानी एयरबेस और रडार सिस्टम नेस्तनाबूद हो गया था. जबकि भारत को कोई नुकसान भी नहीं पहुंचा था.
जीरो टॉलरेंस की नीति पर भारत
इस ऑपरेशन ने साफ कर दिया कि अब भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर आगे बढ़ चुका है. पाकिस्तान और चीन की चुनौतियों को देखते हुए भारत अब भविष्य की जंगों के लिए खुद को तैयार कर रहा है, और इसके लिए देश ने एक नई हथियार (New weapons) योजना शुरू की है.
भारत के नए हथियार
लॉन्ग रेंज एंटी-शिप मिसाइल
इसे कैरियर किलर कहा जा रहा है, क्योंकि यह 1,000 किलोमीटर दूर तक दुश्मन के युद्धपोतों और एयरक्राफ्ट कैरियर्स को बिना चूक नष्ट कर सकती है.
ब्रह्मोस-2
1,500 किलोमीटर की रेंज वाली यह हाइपरसोनिक मिसाइल इतनी तेज़ है कि दुश्मन के रडार इसे पकड़ ही नहीं पाते.
रुद्रम-2 और रुद्रम-3
ये एंटी-रेडिएशन मिसाइलें दुश्मन के कम्युनिकेशन सिस्टम, रडार और एयर डिफेंस को निशाना बनाती हैं.
आकाश और QRSAM
सतह से हवा में मार करने वाली ये मिसाइलें दुश्मन के ड्रोन और विमानों को 25–30 किलोमीटर की दूरी से गिरा सकती हैं.
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INS विक्रांत
भारत के मेक इन इंडिया विमानवाहक पोत INS विक्रांत और INS विशाखापट्टनम और मिसाइलों से पूरी तरह से भरा पड़ा है.
DRD, भारतीय नौसेना और निजी रक्षा कंपनियों की साझेदारी में तैयार हो रहे ये हथियार आने वाले समय में भारत को न सिर्फ तकनीकी रूप से मजबूत बनाएंगे, बल्कि रणनीतिक मोर्चे पर भी अजेय साबित होंगे.
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-भारत एक्सप्रेस
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