मौजूदा सरकार में नल से जल वाली कई योजनाएं धरातल पर आईं.
Potable Water Supply in India: भारत सरकार (Modi Government) की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) योजना के तहत देश के ग्रामीण क्षेत्रों में 80% से अधिक घरों को अब पाइप के माध्यम से शुद्ध पेयजल सुविधा प्राप्त हो गई है. यह उपलब्धि ग्रामीण भारत में स्वास्थ्य और स्वच्छता के स्तर को बेहतर करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यह योजना देशभर में लाखों परिवारों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर रही है.
जल जीवन मिशन की सफलता
जल जीवन मिशन, जो 2019 में शुरू किया गया था, का लक्ष्य 2024 तक सभी ग्रामीण परिवारों को व्यक्तिगत नल कनेक्शन के माध्यम से सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना था. नवीनतम रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 12 लाख से अधिक गांवों में से 80.5% घरों को अब इस सुविधा से जोड़ा जा चुका है. यह उपलब्धि विशेष रूप से सूखे और पानी की कमी वाले क्षेत्रों जैसे राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में उल्लेखनीय है. सरकार ने ग्राउंडवाटर संरक्षण, वर्षा जल संचयन और ग्रे वाटर प्रबंधन जैसे उपायों को भी अनिवार्य किया है, जिससे जल स्रोतों की स्थिरता सुनिश्चित हो रही है.
ग्रामीण जीवन में आ रहा बदलाव
इस योजना से ग्रामीण महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक लाभ हुआ है, जो पहले पानी की तलाश में लंबी दूरी तय करते थे. अब समय और ऊर्जा की बचत होने से शिक्षा और आजीविका के अवसर बढ़े हैं. उदाहरण के तौर पर, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में ग्रामीण परिवारों ने नल कनेक्शन से होने वाले लाभों की सराहना की है. इसके अलावा, स्वच्छ पेयजल से बीमारियों में कमी और स्वास्थ्य सेवाओं पर बोझ कम हुआ है.
हालांकि यह उपलब्धि सराहनीय है, फिर भी शेष 20% घरों तक पहुंचने के लिए सरकार को और प्रयास करने होंगे, खासकर दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों में. विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी नवाचार और सामुदायिक भागीदारी से यह लक्ष्य शीघ्र हासिल हो सकता है. जल शक्ति मंत्रालय ने अगले दो वर्षों में शत-प्रतिशत कवरेज का लक्ष्य रखा है, जो ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और स्वस्थ बनाने की दिशा में एक ठोस कदम होगा.
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