पटियाला हाउस कोर्ट ने एनआईए कोर्ट ने 26/11 मुंबई हमले के मास्टर माइंड तहव्वुर राणा की ओर से दायर याचिका पर याचिका पर तिहाड़ जेल प्रशासन से विस्तृत जवाब मांगा है. तहव्वुर राणा ने अपने परिवार से टेलीफोन पर बातचीत करने की याचिका पर जवाब मांगा है. एनआईए के स्पेशल जज चंद्रजीत सिंह ने तिहाड़ जेल प्रशासन से जवाब मांगा है. कोर्ट 1 अगस्त को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. मामले की सुनवाई के दौरान जेल अधिकारियों ने कोर्ट को बताया कि तहव्वुर राणा को एक बिस्तर और गद्दा उपलब्ध करा दिया गया है.
पिछली सुनवाई में एनआईए ने चार्जशीट में खुलासा किया था कि 26/11 मुंबई आतंकी हमले में कनाडाई नागरिक तहव्वुर राणा ने अहम भूमिका निभाया था. तहव्वुर राणा फिलहाल 13 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में है. हालही में एनआईए और मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा की गई पूछताछ में तहव्वुर राणा ने बताया था कि वह 26/11 आतंकी हमले के वक्त मुंबई में मौजूद था.
कई शहरों को बनाया निशाना
राणा ने माना है कि वह पाकिस्तान सेना का एजेंट है. उसने बताया कि उसने डेविड कोलमैन हेडली के साथ पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा के कई ट्रेनिंग सेशन किए थे. राणा ने यह भी कहा था कि लश्कर असल में एक जासूसी नेटवर्क की तरह काम करता है. उसने यह भी स्वीकार किया था कि छत्रपति शिवाजी टर्मिनल जैसे स्थानों का खुद जाकर रेकी की थी.
एनआईए ने कोर्ट को बताया था कि राणा के निशाने पर केवल मुंबई शहर ही नहीं थी. राणा हेडली के साथ मिलकर दिल्ली, जयपुर, अजमेर में भी मुंबई जैसा हमला करना चाहता था. लश्कर-ए- तैयबा के इशारे पर राणा काम कर रहा था.
भारत सरकार ने पिछले 17 वर्षों से राणा और उसके साथी डेविड कोलमैन हेडली के प्रत्यपर्ण की कोशिश में लगा था, जो कि 2008 में ही अमेरिका में गिरफ्तार हुआ था.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.





