Lehal News: 5 वर्षीय विधि पाठ्यक्रमों की समीक्षा के लिए कमेटी गठित करने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. कोर्ट ने यूजीसी, लॉ कमीशन और बीसीआई को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. कोर्ट सितंबर में.इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. यह याचिका अश्विनी कुमार उपाध्याय की ओर से दायर की गई है. दायर याचिका में 12 वीं के बाद बीटेक की तर्ज पर लॉ कोर्स को चार साल करने की मांग की गई है. जनहित याचिका में कहा गया है कि 12वीं के पांच साल का BALLB यानी लॉ कोर्स न्यू एजुकेशन पॉलिसी के खिलाफ है.
दायर याचिका में कहा गया है कि नई शिक्षा नीति 2020 सभी व्यावसायिक और शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देती है, लेकिन बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा मौजूदा पाठ्यक्रम, पाठ्यक्रम और बैचलर ऑफ लॉ और मास्टर ऑफ लॉ पाठ्यक्रमों की अवधि की समीक्षा करने के लिए कोई कदम नही उठाया गया.
इसमें कहा गया है कि बीए-एलएलबी और बीबीए-एलएलबी पाठ्यक्रमों की पांच वर्ष की अवधि पाठ्यक्रम सामग्री के अनुपात से अधिक है और लंबी अवधि के कारण छात्रों पर अत्यधिक वितीय बोझ पड़ता है. इससे पहले, उसी याचिकाकर्ता ने कक्षा 12 के बाद 5 वर्षीय एलएल बी कोर्स को तीन वर्षीय कोर्स से बदलने की मांग करते हुए याचिका दायर की थी. अप्रैल 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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