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सदन में अमित शाह का जोरदार हमला- कांग्रेस ने POTA का विरोध किया, ‘पार्टीशन स्वीकारने से आतंकवाद की जड़ बना पाकिस्तान’

अमित शाह ने चर्चा के दौरान कहा, “मैं सदन में कहना चाहता हूं कि आतंकवाद की जड़ पाकिस्तान है. पाकिस्तान कांग्रेस पार्टी की भूल है. अगर कांग्रेस पार्टीशन को स्वीकार नहीं करती, तो ये सब कभी नहीं होता. इन्होंने (कांग्रेस) पार्टीशन को स्वीकार करके देश को तोड़ा है.”

Amit Shah

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) पर जारी चर्चा के दौरान कांग्रेस पार्टी पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश के विभाजन को स्वीकार नहीं किया होता, तो आतंकवाद की समस्या इतनी गंभीर न होती.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चर्चा के दौरान कहा, “मैं सदन में कहना चाहता हूं कि आतंकवाद की जड़ पाकिस्तान है. पाकिस्तान कांग्रेस पार्टी की भूल है. अगर कांग्रेस पार्टीशन को स्वीकार नहीं करती, तो ये सब कभी नहीं होता. इन्होंने (कांग्रेस) पार्टीशन को स्वीकार करके देश को तोड़ा है.”

अमित शाह ने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार द्वारा 2002 में लाए गए पोटा (प्रिवेंशन ऑफ टेरेरिज्म एक्ट) कानून का जिक्र किया. उन्होंने कांग्रेस पर इसके विरोध करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, “मैं सदन को बताना चाहता हूं कि ‘पोटा कानून’ का विरोध किसने किया? हमारे पास राज्यसभा में बहुमत नहीं था और हमें मजबूरन संयुक्त सत्र बुलाना पड़ा, तब जाकर यह पास हुआ.

कांग्रेस ‘पोटा’ रोककर वे (कांग्रेस) किसे बचाना चाहती थी? ‘पोटा’ तो आतंकवादियों के खिलाफ था. वोट बैंक के लिए ‘पोटा’ रोककर आपने आतंकियों को बचाने का काम किया.”

अमित शाह ने गिनाए भारत में हुए आतंकी हमले

अमित शाह ने 2004 में मनमोहन सिंह सरकार द्वारा ‘पोटा कानून’ रद्द करने का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया. उन्होंने कहा, “2004 में आते ही मनमोहन सिंह सरकार ने पहली कैबिनेट में ‘पोटा कानून’ को रद्द कर दिया. इसके बाद क्या हुआ. 2004 के दिसंबर में ‘पोटा’ रद्द हुआ और 2005 में रामलला के टैंट पर हमला हुआ. 2006 में मुंबई लोकल ट्रेन में बम धमाके, जिसमें 187 लोगों की मौत. 2006 में डोडा में हिंदुओं पर हमला हुआ, जिसमें 34 लोग मारे गए. 2007 में हैदराबाद में 44 लोग मारे गए. 2007 में लखनऊ और वाराणसी में 13 लोग मारे गए.

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2008 में रामपुर सीआरपीएफ कैंप पर हमला. 2008 में श्रीनगर में आर्मी के काफिले पर हमला हुआ और 10 जवान शहीद हुए. 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले में 246 लोगों की मौत, जयपुर के 8 बम धमाकों में 64 लोगों की मौत. अहमदाबाद में हुए 21 बम धमाकों में 57 लोग मारे गए. 2008 में दिल्ली में हुए पांच धमाकों में 22 लोगों की मौत हुई. पुणे की जर्मन बेकरी में हुए धमाकों में 17 लोग मारे गए.”

पाकिस्तान के 27 हमलों में मारे गए करीब 1000 लोग

अमित शाह ने कहा, “पाकिस्तान की ओर से 27 हमले हुए, जिसमें करीब 1000 लोग मारे गए, और कांग्रेस सरकार ने कुछ नहीं किया. मैं राहुल गांधी को चैलेंज देता हूं कि वह बताएं कि उन्होंने इन आतंकी हमलों के खिलाफ क्या किया? उन्होंने कुछ नहीं किया और सिर्फ यहां से आतंकवादियों के फोटो पाकिस्तान भेजते रहे. साथ ही, ये कहते हैं कि हमारे समय में भी हमले होते रहे. मैं उनको यह अंतर समझाना चाहता हूं.”

अमित शाह ने कहा, “2014 से 2025 तक उनकी सरकार के कार्यकाल में एक भी आतंकी घटना नहीं हुई. कश्मीर में अब ऐसी स्थिति है कि उन्हें आतंकी भेजने पड़ते हैं, अब वहां आतंकी नहीं बनते.”

सोनिया गांधी को शहीद मोहन शर्मा के लिए रोना चाहिए था

अमित शाह ने कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद का हवाला देते हुए दावा किया कि बटला हाउस एनकाउंटर के बाद सोनिया गांधी ‘फूट-फूटकर’ रोई थीं. शाह ने कहा, “उन्होंने (सलमान खुर्शीद) बताया था कि बटला हाउस की घटना पर सोनिया गांधी फूट-फूटकर रोने लगीं. अगर उनको रोना था तो वह शहीद मोहन शर्मा के लिए रोतीं. उन्हें बटला हाउस आतंकियों के लिए रोना आता है? और ये हमें पूछते हैं कि आपने क्या किया. मैं कहूंगा कि उन्हें पूछने का कोई अधिकार नहीं है.”

-भारत एक्सप्रेस



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