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parliament monsoon session

Amit Shah Parliament: संसद में छात्र आंदोलन और कथित पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री अमित शाह जवाब देंगे. किरेन रिजिजू ने विपक्ष से हंगामा न करने की अपील की.

मानसून सत्र के आखिरी चार दिनों में महिला आरक्षण, परिसीमन और FCRA संशोधन बिल को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध गहरा गया है. राहुल और रिजिजू की बातचीत फेल, अब नजरें अमित शाह के अगले सियासी कदम पर टिकी.

संसद में FCRA Amendment Bill 2026 पेश होने वाला है. इसमें विदेशी चंदे, NGOs की संपत्तियों और धर्मांतरण पर रोक के नियमों में बड़े बदलाव हो रहे हैं. जानिए FCRA का 50 साल पुराना इतिहास और इसका व्यापक सामाजिक प्रभाव

संसद के मानसून सत्र में जारी हंगामे के बीच यह सवाल है कि सदन की कार्यवाही बाधित करने वाले सांसदों पर क्या कार्रवाई की जा सकती है. जानिए किन परिस्थितियों में सांसद को सदन से बाहर किया जा सकता है और निलंबन की पूरी प्रक्रिया क्या होती है.

मॉनसून सत्र के दूसरे दिन विपक्ष ने NEET परीक्षा मामले और छात्र आंदोलन पर संसद में विस्तृत चर्चा की मांग को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की. सरकार ने कहा कि वह नियमों के तहत चर्चा के लिए तैयार है, जबकि विपक्ष ने सदन की कार्यवाही रोककर पहले इस मुद्दे पर बहस कराने की मांग की.

Parliament Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र 2026 से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष से सकारात्मक सहयोग की अपील की. उन्होंने कहा कि संसद में तर्क और तथ्य के आधार पर चर्चा होनी चाहिए, हंगामे की नहीं. सरकार कई अहम विधेयक भी पेश कर सकती है.

संसद के मॉनसून सत्र और सुरक्षा कारणों के चलते DMRC ने दिल्ली के 5 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों की एंट्री-एग्जिट अस्थायी रूप से बंद कर दी है. हालांकि राजीव चौक और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट पर इंटरचेंज सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी.

Parliament Monsoon Session: मानसून सत्र से पहले संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने की अपील की. उन्होंने कहा कि हंगामे से राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, लोकतंत्र बहस से मजबूत होता है.

P Chidambaram on Delimitation Bill: पी. चिदंबरम ने दावा किया कि बीजेपी परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के लिए NCP-SP और DMK का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है.

संसद के 20 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन बिल दोबारा लाए जाने की चर्चाओं के बीच शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने इसका समर्थन किया है. उन्होंने सभी दलों से अपील की है कि वे महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिलाने के लिए इस बिल को पास कराने में मदद करें.