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लोकसभा में बोले पीएम मोदी- नेहरू भारत का 80% पानी पाकिस्तान को देने के लिए सहमत हुए, हमने सिंधु समझौते की गलती सुधारी

पीएम मोदी ने सिंधु जल समझौते को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को भी घेरा. प्रधानमंत्री ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू भारत का 80% पानी पाकिस्तान को देने के लिए सहमत हुए थे.

PM Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (29 जुलाई) को लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) पर चर्चा के दौरान पिछली कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला. पीएम मोदी ने सिंधु जल समझौते (Indus Water Treaty) को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को भी घेरा. प्रधानमंत्री ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू भारत का 80% पानी पाकिस्तान को देने के लिए सहमत हुए थे.

पीएम मोदी ने कहा,


भारत के हितों को गिरवी रखना कांग्रेस की लंबे समय से चली आ रही आदत रही है. इसका सबसे बड़ा उदाहरण पंडित नेहरू द्वारा साइन की गई सिंधु जल संधि है. ये नदियां भारत की सभ्यता की पहचान का हिस्सा हैं, हमारी जड़ें उनसे जुड़ी हैं. पंडित नेहरू भारत का 80% पानी पाकिस्तान को देने के लिए सहमत हुए थे.

उन्होंने आगे कहा कि यह संधि भारत के लिए एक बड़ा विश्वासघात थी क्योंकि देश के पास सिंधु नदी सिस्टम का केवल 20% पानी बचा था.

पीएम मोदी n(PM Modi) ने संसद में कहा, “क्या कोई इस तरह के फैसले के पीछे की मानसिकता समझा सकता है? हमारे पास सिंधु नदी सिस्टम का केवल 20% हिस्सा बचा था. उन्होंने 80% हिस्सा उस देश को दे दिया जो खुलेआम खुद को भारत का दुश्मन कहता है.” उन्होंने आगे कहा कि तत्कालीन सरकार ने सिंधु और उसके पानी पर फैसले लेने का अधिकार विश्व बैंक को दे दिया.

संधि के बिना पश्चिम भारत में बड़ी परियोजनाएं होती

प्रधानमंत्री ने कहा, 


1961 में नेहरू ने स्वीकार किया था कि उन्हें उम्मीद है कि सिंधु जल संधि अन्य मुद्दों को सुलझाने का मार्ग प्रशस्त करेगी, लेकिन हम वहीं अटके रहे. नेहरू उस कूटनीति को समझते थे जिसमें किसानों के अस्तित्व को पूरी तरह से नज़रअंदाज़ किया गया था. नेहरू पाकिस्तान की इस मांग पर सहमत हो गए थे कि भारत अपनी ओर बने बांध में आने वाले कचरे की सफाई या गाद नहीं निकालेगा.

उन्होंने कहा कि सिंधु जल संधि के बिना, पश्चिमी भारत में बड़ी परियोजनाएं होतीं, किसानों को पानी मिलता, पेयजल की समस्या कम होती और भारत अधिक बिजली का उत्पादन कर पाता.

सिंधु जल संधि को स्थगित रखा जाएगा

प्रधानमंत्री ने बाद में ज़ोर देकर कहा कि सिंधु जल संधि को स्थगित रखा जाएगा, क्योंकि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते. उन्होंने कहा कि 2014 से पहले असुरक्षा का माहौल था और एक कमजोर कांग्रेस सरकार के कारण कई लोगों की जान चली गई.

बता दें कि अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) ने पाकिस्तान के साथ दशकों पुरानी सिंधु जल संधि को अनिश्चित काल के लिए निलंबित कर दिया.


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-भारत एक्सप्रेस



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