Film Udaipur Files: दिल्ली हाईकोर्ट फिल्म उदयपुर फाइल्स के रिलीज पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर एक अगस्त को सुनवाई होगी. मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की बेंच दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है. मामले की सुनवाई के दौरान हत्यारोपित मोहम्मद जावेद की ओरसे पेश वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी ने कहा कि इस मामले में अभी 160 गवाहों की जांच बाकी है और उनके मुवक्किल की गिरफ्तारी के समय उम्र केवल 19 वर्ष थी.
उन्होंने कहा कि राजस्थान हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता को जमानत इसलिए दी, क्योंकि उन पर लगे आरोपों के बीच कोई ठोस संबंध स्थापित नहीं हुआ था. गुरुस्वामी ने कहा कि आरोपी अनुच्छेद 21 के तहत निष्पक्ष ट्रायल का हकदार है. उन्होंने कहा कि फिल्म के रिलीज होने से निष्पक्ष ट्रायल का अधिकार खतरे में पड़ गया है.
आरोपी के वकील ने कहा कि फिल्म निर्माता ने साफ तौर पर कहा है कि फिल्म चार्जशीट पर आधारित है. फिल्म के डायलॉग चार्जशीट से लिए गए है. उन्होंने कहा कि आरोपी की गुरुस्वामी ने कहा कि हमारी न्याय व्यवस्था सत्य तक पहुचने के लिए है. इसके लिए आवश्यक है कि कोई भी भागीदार किसी भी तरह से पूर्वाग्रही न हो.
कन्हैयालाल हत्याकांड से जुड़ा है मामला
उदयपुर राजस्थान के एक 40 वर्षीय दर्जी कन्हैया लाल की 28 जून 2022 को मोहम्मद रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद ने हत्या कर दी थी. हत्यारो ने हत्या का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी डाला था और यह भी बताया था कि गला रेतने का मकसद क्या है? कन्हैया लाल का सिर्फ इतना दोष था कि उन्होंने बीजेपी नेता नूपुर शर्मा के पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ विवादास्पद बयान का समर्थन एक व्हाट्सएप ग्रुप में किया था. जबकि जांच में पता चला कि वह पोस्ट उनके 8 वर्षीय बच्चे ने गलती से फॉरवर्ड कर दिया था.
बता दें कि राजस्थान के उदयपुर में 2022 में ट्रेलर कन्हैयालाल की हत्या पर बनी फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ 11 जुलाई को सिनेमाघरों में आने को तैयार है. जमात-ए-इस्लामी समेत कई मुस्लिम संगठन फिल्म पर बैन लगाने की लगातार मांग कर रहे है. इसको लेकर राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री तक को व्यापन दे चुके है.
-भारत एक्सप्रेस
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