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कौन है शराब के साथ प्रकट होने वाली मां लक्ष्मी की बहन? नींबू-मिर्च टांगने से है गहरा नाता, विवाह के लए भगवान विष्णु ने किया था ऐसा काम, जानें अनसुनी कहानी

मां लक्ष्मी की बड़ी बहन अलक्ष्मी को दरिद्रता और क्लेश की देवी माना गया है. जानिए समुद्र मंथन से जुड़ी उनकी कहानी और उनसे बचने के उपाय.

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Alakshmi Story: जब भी मां लक्ष्मी का नाम लिया जाता है, मन में सौंदर्य, समृद्धि और शुभता की छवि उभरती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि मां लक्ष्मी की एक बहन भी हैं, अलक्ष्मी, जिनका नाम सुनते ही मन में विपरीत भाव आने लगते हैं. वजह भी साफ है. जहां देवी लक्ष्मी धन-संपत्ति और सुख की प्रतीक हैं, वहीं अलक्ष्मी को दरिद्रता, अशांति और क्लेश की देवी माना जाता है.

पौराणिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान जब अमूल्य रत्न, देवी-देवता और अनेक चमत्कारी वस्तुएं निकली थीं, उसी वक्त मां लक्ष्मी का भी प्रकट होना हुआ था. लेकिन इसके साथ ही, समुद्र से अलक्ष्मी भी निकलीं. इसी वजह से उन्हें मां लक्ष्मी की बड़ी बहन माना जाता है.

विवाह को लेकर अड़ीं मां लक्ष्मी

जब भगवान विष्णु ने देवी लक्ष्मी से विवाह का प्रस्ताव रखा, तो लक्ष्मी ने साफ कह दिया कि जब तक उनकी बड़ी बहन अलक्ष्मी की शादी नहीं होती, वह विवाह नहीं करेंगी. लेकिन मुश्किल ये थी कि अलक्ष्मी का रूप आकर्षक नहीं था, लाल आंखें, गंदा शरीर और लोहे जैसे आभूषण. उनके साथ कोई विवाह करने को तैयार ही नहीं था.

तब भगवान विष्णु ने उद्दालक ऋषि को विवाह के लिए तैयार किया. शादी तो हो गई, लेकिन अलक्ष्मी ऋषि के आश्रम नहीं गईं. उन्होंने बताया कि उनका निवास वहां होता है जहां झगड़ा, गंदगी, मांस-मदिरा और अधर्म हो, यानी ऐसा वातावरण जहां नेगेटिविटी फैली हो.

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पीपल के पेड़ से जुड़ा अलक्ष्मी का स्थायी वास

जब अलक्ष्मी को उनके अनुसार उचित स्थान नहीं मिला, तो ऋषि ने उन्हें पीपल के पेड़ के नीचे बैठने को कहा और स्वयं स्थान ढूंढने निकल पड़े. काफी समय बीत गया, ऋषि लौटे नहीं और अलक्ष्मी दुखी हो गईं. जब मां लक्ष्मी को यह बात पता चली, तो उन्होंने भगवान विष्णु से इसका समाधान मांगा. विष्णु ने कहा कि पीपल उनका ही वास स्थान है, इसलिए अलक्ष्मी वहीं रह सकती हैं.

तब से माना जाता है कि अलक्ष्मी पीपल के पेड़ के नीचे निवास करती हैं, और जो लोग नियमित रूप से पीपल की पूजा करते हैं, उन पर अलक्ष्मी की कृपा नहीं होती, यानी दरिद्रता दूर रहती है.

क्यों टांगे जाते हैं नींबू-मिर्च?

ऐसी भी मान्यता है कि अलक्ष्मी को खट्टा और तीखा भोजन पसंद है. इसलिए जब हम अपने घर या दुकान के बाहर नींबू-मिर्च टांगते हैं, तो मानते हैं कि अलक्ष्मी वहां से अपना पसंदीदा खाना खाकर लौट जाती हैं और घर के अंदर प्रवेश नहीं करतीं. यही वजह है कि साफ-सुथरे, धार्मिक माहौल वाले घरों में उनका वास नहीं होता.

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-भारत एक्सप्रेस



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