दिल्ली हाईकोर्ट.
दिल्ली हाई कोर्ट ने फिल्म उदयपुर फाइल्स के रिलीज को लेकर दायर दो याचिकाओं का निपटारा कर दिया है. मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की पीठ ने केंद्र सरकार से कहा कि वह 4 अगस्त को फिल्म के समर्थकों और विरोधियों दोनों की सुनवाई करें और फिर कानून के हिसाब से निर्णय ले.
मामले की सुनवाई के दौरान फिल्म निदेशक के वकील ने कहा कि 8 अगस्त में फिल्म रिलीज करना चाहते हैं. मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश एएसजी चेतन शर्मा ने कोर्ट को बताया कि 21 जुलाई के फैसले को सरकार वापस ले रही है. अब नए सिरे से इसपर विचार किया जाएगा.
कन्हैयालाल की हत्या पर आधारित है फिल्म
दिल्ली हाई कोर्ट ने साफ कर दिया है कि इस आदेश में या सुनवाई के दौरान हमारे द्वारा की गई किसी भी टिप्पणी को पक्षकारों के दावों के गुण-दोष पर हमारी राय के रूप में नहीं समझा जाएगा. उदयपुर राजस्थान के एक 40 वर्षीय दर्जी कन्हैया लाल की 28 जून 2022 को मोहम्मद रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद ने हत्या कर दी थी. हत्यारो ने हत्या का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी डाला था और यह भी बताया था कि गला रेतने का मकसद क्या है?
कन्हैया लाल का सिर्फ इतना दोष था कि उन्होंने बीजेपी नेता नूपुर शर्मा के पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ विवादास्पद बयान का समर्थन एक व्हाट्सएप ग्रुप में किया था.
जबकि जांच में पता चला कि वह पोस्ट उनके 8 वर्षीय बच्चे ने गलती से फॉरवर्ड कर दिया था. बता दें कि राजस्थान के उदयपुर में 2022 में ट्रेलर कन्हैयालाल की हत्या पर बनी फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ 11 जुलाई को सिनेमाघरों में आने को तैयार है. जमात-ए-इस्लामी समेत कई मुस्लिम संगठन फिल्म पर बैन लगाने की लगातार मांग कर रहे है. इसको लेकर राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री तक को व्यापन दे चुके है.
भारत एक्सप्रेस
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