दक्षिणी दिल्ली जिला मजिस्ट्रेट ने बड़ा आदेश देते हुए मेडिकल स्टोर पर सीसीटीवी लगाना अनिवार्य कर दिया. अगर मेडिकल स्टोर पर कैमरे नहीं लगाए तो कानूनी कार्रवाई होगी. दिल्ली पुलिसकर्मी और ड्रग इंस्पेक्टर कभी भी सीसीटीवी की जांच कर सकते हैं. दिल्ली के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के विशेष सचिव ने 23 जुलाई को अपने आदेश पत्र के माध्यम से सभी मेडिकल स्टोर्स में सीसीटीवी कैमरे लगाने का अनुरोध किया था.
दवाएं बेचने पर अब लगेगी रोक
इसी क्रम में दक्षिणी जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि सभी मेडिकल स्टोर, केमिस्ट और फार्मेसी काउंटर और स्टॉक रूम में सीसीटीवी कैमरे जरूर लगाएं. साथ ही सीसीटीवी फुटेज को एक महीने यानी 30 दिनों तक सुरक्षित भी रखना है. सीसीटीवी कैमरे लगाने का मकसद ‘एच’, ‘एच-1’ और ‘एक्स’ श्रेणी की दवाओं की बिक्री पर निगरानी रखना है. यह वही दवाइयां हैं, जिनका इस्तेमाल नशे के रूप में भी किया जाता है.
दवाओं की बिक्री पर कड़ी निगरानी
मेडिकल स्टोर पर कई बार बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के ही इन दवाइयों की बिक्री की जाती है. इस पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने अहम फैसला लिया है. दक्षिणी दिल्ली के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी मेडिकल स्टोर, केमिस्ट और फार्मेसी की दुकानें जो अनुसूची ‘एच’, ‘एच-1’ और ‘एक्स’ की दवाएं बेचती हैं, उन्हें अपनी दुकानों के अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया जाता है, जैसा कि डॉग कंट्रोल डिपार्टमेंट, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, जीएनसीटीडी द्वारा निर्देशित किया गया है.
मेडिकल स्टोर पर लगे सीसीटीवी फुटेज की जिला औषधि नियंत्रक प्राधिकरण, उप-मंडल मजिस्ट्रेट या पुलिस अधिकारी किसी भी समय जांच कर सकते हैं. अगर कोई मेडिकल स्टोर इस आदेश का पालन नहीं करेगा तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा. जिला प्रशासन ने कहा कि सभी उप-मंडल मजिस्ट्रेट पुलिस और औषधि निरीक्षकों की सहायता से अपने-अपने क्षेत्र में इस आदेश का क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे.
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भारत एक्सप्रेस
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