देश में बढ़ी डेस्टिनेशन वेडिंग्स की मांग
Wed in India After PM Modi Appeal: ‘मेड इन इंडिया’ के बाद अब ‘वेड इन इंडिया’ का जादू चल रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब भारत के धनी परिवारों से विदेश के बजाय देश में ही डेस्टिनेशन वेडिंग करने का आह्वान किया था, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यह विचार इतनी तेजी से एक बड़े आंदोलन में बदल जाएगा. अब यह ट्रेंड केवल अमीरों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि मध्यम वर्ग भी इसे अपना रहा है. इसका नतीजा यह है कि इस वेडिंग सीजन में भारत के मशहूर पर्यटन स्थलों पर आलीशान होटलों में कमरे मिलना मुश्किल हो गया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2023 में कहा था कि भारत को ‘मेड इन इंडिया’ की तर्ज पर ‘वेड इन इंडिया’ जैसे आंदोलन की जरूरत है. उन्होंने अमीर व्यवसायिक परिवारों से अपील की थी कि वे डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए विदेश जाने के बजाय देश में ही आयोजन करें. अब यह ट्रेंड मध्य वर्ग में भी तेजी से बढ़ रहा है.
डेस्टिनेशन वेडिंग की बढ़ती मांग
वेडिंग प्लानर वेडिंगसूत्र के सीईओ पार्थिव त्यागराजन ने बताया कि लगभग 10% उच्च निवल मूल्य वाले व्यक्ति गंतव्य विवाह का विकल्प चुनते हैं और उनमें से भी केवल 10-15% विदेश में विवाह आयोजित करते हैं. राजस्थान, गोवा, महाबलीपुरम और केरल जैसे स्थान गंतव्य विवाह के लिए लोकप्रिय हो रहे हैं.
होटलों में बढ़ती बुकिंग
कई होटल और विला पहले से ही बुक हो चुके हैं. राज चोपड़ा, चेयरमैन और एमडी ऑफ द जे डब्ल्यू मैरियट और जे डब्ल्यू मैरियट गोवा होटल्स ने बताया कि पिछले वर्ष उनके होटलों में विवाह के लिए सबसे अधिक बुकिंग और बिक्री हुई थी.
- कम्पोस्टेड डेकोर, ई-वाहन बरात और ट्राइबल-मेड हैम्पर्स जैसे नए ट्रेंड्स आकर्षक हो रहे हैं
- बुटिक होटल पूर्ण चक्र स्थिरता को अपनाते हुए स्थानीय एनजीओ के साथ साझेदारी कर रहे हैं और बचा हुआ भोजन पुनर्वितरित कर रहे हैं.
राज्यों की पहल से बढ़ रहा है ट्रेंड
पिछले साल केरल विभिन्न पर्यटन स्थलों पर 1,000 से अधिक डेस्टिनेशन वेडिंग आयोजित किए. उद्योग मंत्री पी राजीव ने कहा कि केरल विवाह और एमआईसीई के लिए तैयार है. दिल्ली सरकार डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए अनुमति प्रक्रियाओं को सरल बनाने की योजना बना रही है और ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर स्थलों पर विवाह आयोजित करने की अनुमति देने पर विचार कर रही है.
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कल्चर, व्यापार और अर्थव्यवस्था में सुधार
भारत में डेस्टिनेशन वेडिंग एक बढ़ता हुआ ट्रेंड है, जिसमें अमीर और मध्य वर्ग दोनों शामिल हैं. राज्यों की पहल और होटलों की बढ़ती बुकिंग इस ट्रेंड को और भी मजबूत बना रही है. नए ट्रेंड्स जैसे इको-लक्जरी विवाह और स्थानीय और हरित पहल भी इस उद्योग को नया आयाम दे रहे हैं. इससे देश का अर्थव्यवस्था में सुधार के साथ देसी ट्रेंड और कल्चर भी बढ़ रहा है.
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