Urdu Conclave 2026

देशभर के पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान

देशभर के पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए स्वतः संज्ञान लिया है.

Supreme Court
देशभर के पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए स्वतः संज्ञान लिया है. जस्टिस विक्रमनाथ की अध्यक्षता वाली कोर्ट ने पूछा है कि अब तक कितने थानों और एजेंसियों के दफ्तरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं? कैमरे काम कर रहे है या नही, इसकी मॉनिटरिंग कौन कर रहा है? रेकॉर्डिंग कितने समय तक सुरक्षित रखी जा रही है?

कोर्ट (Supreme Court) ने क्या कहा?

कोर्ट (Supreme Court) ने कहा कि सीसीटीवी कैमरों की मौजूदगी पुलिस हिरासत में होने वाली अमानवीय घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अनिवार्य है. यह नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करने की दिशा में एक अहम कदम है. अदालत ने स्पष्ट किया कि अब इस मामले में और देरी बर्दाश्त नही की जाएगी. इससे पहले इसको लेकर दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को चेतावनी देते हुए स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया था.

वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ दवे ने क्या कहा?

मामले की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ दवे ने कहा था कि अब भी देश भर में पुलिस थानों और केंद्रीय जांच एजेंसियों के अधिकतर दफ्तरों में समुचित सीसीटीवी कैमरे नहीं है. जो कैमरे लगे भी है वो या तो काम नहीं कर रहे है, उसकी गुणवत्ता भी घटिया है. कैमरे की क़्वालिटी इतनी खराब है कि उसकी ऑडियो अच्छी नही है, धुंधला दिखता है. सुप्रीम कोर्ट ने 2020 में सीबीआई, ईडी औरएनआईए सहित अन्य जांच एजेंसियों के दफ्तर में सीसीटीवी कैमरे और रिकॉर्डिंग उपकरण लगाने का निर्देश दिया था.

सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि देशभर के प्रत्येक थाने में सभी प्रवेश और निकास बिंदुओं, मुख्य द्वार, लॉक-अप, कॉरिडोर, लॉबी और रिसेप्शन के अलावे कई अन्य जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का आदेश दिया था ताकि कोई कैमरे की नजर से बच न सके. इसका उद्देश्य था कि हिरासत में होने वाली पूछताछ के दौरान पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी प्रकार के मानवाधिकार उल्लंघन या पुलिस ज्यादती पर रोक लगाई जा सके. सीसीटीवी फुटेज का इस्तेमाल पुलिस जांच और अदालती कार्यवाही में किया जा सकता है. सीसीटीवी फुटेज से कई ऐसे अहम सबूत मिलते है जो किसी मामले में अंतर पैदा कर सकता है.

Also Follow Bharat Express on X

-भारत एक्सप्रेस

इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read