हजरतबल दरगाह विवाद पर अब पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई को चौंकाने वाला और बेतुका बताया है. इल्तिजा ने सीधे तौर पर वक्फ बोर्ड पर भी निशाना साधा और कहा कि धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर ठेस पहुंचाई गई है.
इल्तिजा मुफ्ती ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर एक पोस्ट में लिखा कि यह बेहद चौंकाने वाला और बेतुका है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर दी, जबकि वे अच्छी तरह जानते हैं कि हजरतबल दरगाह में धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर ठेस पहुंचाई गई.
Deeply shocking & absurd that @JmuKmrPolice has filed an FIR knowing well that religious sentiments were deliberately hurt at Hazratbal Dargah yesterday. Waqf comprises entirely of Muslims yet they showed utter disdain & insensitivity. They are the ones who should be booked… pic.twitter.com/bDaXzJZG2o
— Iltija Mufti (@IltijaMufti_) September 6, 2025
वक्फ बोर्ड पर भी साधा निशाना
इल्तिजा ने अपने ‘एक्स’ पोस्ट में वक्फ बोर्ड की संवेदनहीनता पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि वक्फ पूरी तरह से मुसलमानों का है, फिर भी उन्होंने घोर उपेक्षा और असंवेदनशीलता दिखाई. इन लोगों पर तुरंत मामला दर्ज होना चाहिए.
धार्मिक नारे लगा रही भीड़ ने हटाई राष्ट्रीय प्रतीक
दरअसल हजरतबल दरगाह में वक्फ बोर्ड के द्वारा कराये गए रिनोवेशन को लेकर एक शिलापट्ट लगाया गया था. जिसपर राष्ट्रीय प्रतीक भी लगा था. जिसे शुक्रवार की नमाज के बाद भीड़ ने पत्थरों और ईंटों से मारकर राष्ट्रीय प्रतीक को मिटा दिया.
इस दौरान भीड़ धार्मिक नारे भी लगा रही थी. लोगों ने इसे दरगाह की पवित्रता को ठेस पहुंचाने वाला बताया. इस मामले में पुलिस ने एक प्राथमिकी दर्ज की है.
सज्जाद लोन ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण
वहीं, इस घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए पीपल्स कॉन्फ्रेंस पार्टी के संस्थापक सज्जाद लोन ने ‘एक्स’ पोस्ट के जरिए चिंता व्यक्त की.
पीपल्स कॉन्फ्रेंस पार्टी के संस्थापक सज्जाद लोन ने इसे ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए कहा कि एक पवित्र धार्मिक स्थल के भीतर किसी राजनीतिक प्रतीक का इस्तेमाल करना बेहद निंदनीय है. उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की.
अपने ‘एक्स’ पोस्ट में सज्जाद लोन ने स्पष्ट शब्दों में कहा,
हजरतबल दरगाह में हुई घटनाओं का क्रम दुर्भाग्यपूर्ण है. एक पूज्य धार्मिक स्थल के अंदर किसी प्रतीक का उपयोग करना निंदनीय है.
बता दें कि हजरतबल दरगाह में शुक्रवार को मार्बल की प्लेट पर अशोक चिह्न की उकेरी प्रतिकृति पर वहां मौजूद कुछ लोगों ने एतराज जताया और इसे इस्लाम के खिलाफ बताया. मामले ने तूल पकड़ा और वहां तनाव पैदा हो गया.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



