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यूक्रेन पर सबसे बड़ी एयरस्ट्राइक, रूस के हमले में कैबिनेट बिल्डिंग डैमेज

Russian Strikes on Ukraine: यूक्रेन और रूस के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है. रूस ने कीव में यूक्रेनी कैबिनेट की इमारत पर हमला किया, जिसमें कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए. यूक्रेन ने जवाबी कार्रवाई करते हुए रूस के ब्रायनस्क क्षेत्र में ड्रुजबा ऑयल पाइपलाइन पर हमला किया है.

Russia Ukraine war update

Russia Ukraine war update: रूस-यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध अब एक नए और खतरनाक मोड़ पर आ गया है. रविवार को रूसी सेना ने कीव में यूक्रेन के कैबिनेट भवन पर हमला कर दिया, जिससे एक साल के बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हो गई. यह पहली बार था जब रूसी हमले में कोई सरकारी इमारत सीधे तौर पर निशाना बनी. इस हमले के बाद यूक्रेन ने भी तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए रूस की अहम ड्रूजबा तेल पाइपलाइन पर हमला कर दिया, जिससे यह संघर्ष अब सरकारी और ऊर्जा बुनियादी ढांचों तक फैल गया है.

नेताओं मे दिया बयान

यूक्रेनी प्रधानमंत्री यूलिया स्वीरिडेंको ने कहा कि यह पहली बार है जब सरकारी इमारत पर हमला हुआ है और उन्होंने पश्चिमी देशों से कार्रवाई करने का आग्रह किया, न कि सिर्फ बयान देने का. कीव के मेयर विताली क्लिट्स्को ने बताया कि हमले में एक साल के बच्चे समेत कई नागरिक मारे गए हैं.

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यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रेई सिबिहा ने हमले को गंभीर वृद्धि बताया और पश्चिमी देशों से मजबूत वायु रक्षा प्रणालियों की मांग की. जवाबी कार्रवाई में यूक्रेन ने रूस की ऑयल पाइपलाइन पर ड्रोन हमला किया, जिससे हंगरी और स्लोवाकिया को तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है.

कई शहरों में हमले

इस बीच, यूक्रेन के कई शहरों में भी हमले (Russia Ukraine war update) हुए, जिसमें क्रेमेंचुक और क्रिवी रिह में बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा. रूस ने अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन रूसी राज्य मीडिया ने दावा किया है कि उसके वायु रक्षा इकाइयों ने 69 यूक्रेनी ड्रोन को नष्ट कर दिया.

दोनों देश अब युद्ध (Russia Ukraine war update) के नियमों को दरकिनार करते हुए एक-दूसरे के महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बना रहे हैं. यूक्रेन के प्रधानमंत्री ने पश्चिमी देशों से केवल शब्दों में नहीं, बल्कि कड़े प्रतिबंधों के साथ जवाब देने की अपील की है. जबकि यूक्रेन ने रूस की उस तेल पाइपलाइन को निशाना बनाया है जो उन देशों को तेल भेजती है जो अभी भी रूस का समर्थन करते हैं. यह घटना यह साबित करती है कि यह युद्ध अब सिर्फ सैन्य टकराव नहीं, बल्कि एक जटिल भू-राजनीतिक संघर्ष बन गया है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है.



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