तेलंगाना बीजेपी की उस याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है, जिसमें मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के खिलाफ मानहानि का केस चलाने की मांग की गई थी. सीजेआई बी आर गवई, जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर की पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर आप मजबूत नेता हैं, तो आपको मोटी खाल रखनी होगी. आपको इन सबको सहना होगा.
कोर्ट का इस्तेमाल राजनीतिक लड़ाई के लिए नहीं
मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि हाई कोर्ट कह रहा है कि मेरे पास अधिकार नहीं है. सीजेआई ने कहा कि हम बार-बार कह रहे हैं कि अदालत का इस्तेमाल राजनीतिक लड़ाई के लिए न करें.
तेलंगाना हाई कोर्ट ने 2024 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी द्वारा दिए गए भाषण को लेकर उनके खिलाफ मानहानि का मामला रद्द कर दिया गया था. भाजपा की तेलंगाना इकाई ने मई 2024 में रेड्डी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने पिछले साल 4 मई को पार्टी के खिलाफ अपमानजनक और भड़काऊ भाषण दिया था.
सीएम रेवंत ने भाषण में BJP को किया था बदनाम
तेलंगाना बीजेपी ने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अपने भाषण में बीजेपी को बदनाम करने वाली टिप्पणी की थी. इस आधार पर बीजेपी (तेलंगाना) के महासचिव करम वेंकटेश्वरलू ने हैदराबाद ट्रायल कोर्ट में आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी. हाई कोर्ट ने एक अगस्त को रेवंत रेड्डी की याचिका स्वीकार करते हुए ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही रद्द कर दी थी.
हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि कथित टिप्पणी राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी पार्टी को लेकर थी, न कि तेलंगाना इकाई को. कोर्ट ने कहा था कि बीजेपी (तेलंगाना) को सीआरपीसी धारा 199 (1) के तहत पीड़ित व्यक्ति नही माना जा सकता.
-भारत एक्सप्रेस
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