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हवा में भिड़ गई उड़ने वाली ये कारें, दुनिया का पहला eVTOL क्रैश, टेक्नोलॉजी पर उठने लगे सवाल

Flying Car Crash: चीन के चंगचुन एयर शो में XPeng की दो फ्लाइंग कारें आपस में टकरा गईं. यह दुनिया का पहला eVTOL मिड-एयर क्रैश है, जिसने उड़ने वाली कारों की सेफ्टी और भरोसे पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

Flying Car Crash

Flying Car Crash: चीन के चंगचुन शहर में एयर शो की तैयारी के दौरान बड़ा हादसा हुआ. XPeng AeroHT की दो उड़ने वाली कारें (eVTOL) आसमान में आपस में टकरा गईं. एक वाहन जैसे-तैसे लैंड कर गया. लेकिन दूसरी कार सीधा जमीन पर गिरी और आग की लपटों में घिर गई. मौके पर अफरातफरी मच गई.

कैसे हुआ टकराव?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों eVTOL फ्लाइंग कारें रिहर्सल फ्लाइट के दौरान पास-पास उड़ रही थीं. इसी दौरान अचानक उनका बैलेंस बिगड़ा और टक्कर हो गई. एक मशीन कंट्रोल खो बैठी और नीचे आ गिरी. जबकि दूसरी को ऑटो-कंट्रोल या पायलट की मदद से सुरक्षित उतार लिया गया. इस घटना में एक व्यक्ति घायल होने की खबर है.

कंपनी का बयान

XPeng की ओर से कहा गया कि हादसा इसलिए हुआ क्योंकि दोनों वाहन बहुत करीब उड़ रहे थे. अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि वे ऑटो मोड पर थे या मैनुअली कंट्रोल किए जा रहे थे. कंपनी का दावा है कि सभी लोग अब सुरक्षित हैं.

क्यों है यह घटना अहम?

यह दुनिया की पहली ऐसी दुर्घटना है जिसमें उड़ने वाली कारें हवा में आपस में भिड़ीं. eVTOL तकनीक को भविष्य की शहरी मोबिलिटी का सबसे बड़ा विकल्प माना जा रहा है. लेकिन इस हादसे ने सेफ्टी पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है.

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सुरक्षा पर सवाल

eVTOL जैसे नए वाहन केवल डिजाइन या परफॉर्मेंस पर निर्भर नहीं करते. उड़ान के दौरान दूरी बनाए रखना और एरर मैनेजमेंट उतना ही जरूरी है. अगर एयर शो जैसी भीड़ भरी जगह पर यह हादसा हुआ है, तो आम लोगों के मन में भरोसा डगमगाना लाजमी है.

XPeng का प्रोजेक्ट

यह मॉडल XPeng AeroHT के ‘लैंड एयरक्राफ्ट कैरियर’ प्रोग्राम का हिस्सा था. इसमें छह पहियों वाला ग्राउंड व्हीकल होता है, जिसके पीछे एयरक्राफ्ट बे लगा होता है. जरूरत पड़ने पर यह उड़ने वाली कार अपने आर्म्स खोलकर उड़ान भर सकती है.

आगे का रास्ता

यह हादसा सरकारों और नियामक संस्थाओं के लिए चेतावनी है. अब eVTOL टेक्नोलॉजी के लिए और सख्त सुरक्षा मानक बनाए जा सकते हैं. पायलट ट्रेनिंग, टेस्टिंग प्रोटोकॉल और ऑपरेशनल गाइडलाइन्स को और मजबूत करने की मांग तेज होगी.

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-भारत एक्सप्रेस 



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