दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने धौला कुंआ में हुए बीएमडब्ल्यू एक्सीडेंट मामले में एसएचओ को नोटिस जारी कर संबंधित सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है. साथ ही कोर्ट ने जांच अधिकारी को केस फाइल के साथ कोर्ट में मौजूद रहने का निर्देश दिया है. वही कोर्ट ने आरोपी की ओर से सीसीटीवी फुटेज की मांग को खारिज कर दिया है.
कोर्ट ने कहा कि इस स्तर पर आरोपी सिर्फ सीसीटीवी को सुरक्षित रखने की प्रार्थना कर सकता है, उसे पेश करने का अधिकार नहीं है. कोर्ट इस मामले में 19 सितंबर को अगली सुनवाई करेगा. न्यायिक मजिस्ट्रेट अंकित गर्ग में सुनवाई कर रहे है. गगनप्रीत फिलहाल 27 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में है.
गगनप्रीत ने दो अन्य लोगों को आरोपी बनाने की मांग की
गगनप्रीत ने इस मामले में दो अन्य लोगों को भी आरोपी बनाने की मांग की है, जिसमें डीटीसी बस चालक और एक एम्बुलेंस चालक शामिल है. बता दें कि 14 सितंबर को धौला कुंआ मेट्रो स्टेशन के पास बीएमडब्ल्यू हादसा हुआ था. जिसमें वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी 52 वर्षीय नवजोत सिंह की मौत हो गई थी, जबकि उनकी पत्नी संदीप कौर गंभीर रूप से घायल हो गई थी.
आरोप है कि बीएमडब्ल्यू कार गगनप्रीत कौर चला रही थीं. 15 सितंबर को दिल्ली पुलिस ने गैर इरादतन हत्या, लापरवाही से गाड़ी चलाने और सबूत को मिटाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. जिसके बाद पटियाला हाउस कोर्ट के ड्यूटी मजिस्ट्रेट के घर पर पेश किया था, जहां कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.
घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 (तेज गति से गाड़ी चलाना), 125 बी (दूसरों की जान या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालना), 105 (गैर इरादतन हत्या) और 238 (“सबूतों को मिटाना) के तहत एफआईआर दर्ज की थी.
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-भारत एक्सप्रेस
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