Bharat Express DD Free Dish
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital

UN में झूठ बोलते पकड़ाए शहबाज शरीफ! डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ और ऑपरेशन सिंदूर जख्मों पर रोते आए नजर

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच के जरिए शरीफ झूठा दावा करते नजर आए. इस मंच का उपयोग उन्होंने भारत के खिलाफ और डोनाल्ड ट्रंप का मक्खन लगाने की कोशिश में किया. हालांकि, दुनिया ने उन्हें झूठ बोलते पकड़ लिया.

Pakistan PM Shehbaz Sharif Lie Traget India At UNGA

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार (26 सितंबर, 2026) को जो कुछ कहा, वह सिर्फ खोखले दावों और झूठे बयानों का पुलिंदा बनकर रह गया. 8 साल के अनुभवी पत्रकार की तरह, यह समझना मुश्किल नहीं है कि शरीफ का भाषण भारत-विरोध और अमेरिका से नजदीकी साधने की कोशिश से ज़्यादा कुछ नहीं था. यह साफ संकेत था कि पाकिस्तान ट्रंप प्रशासन के साथ अपने रिश्तों को मज़बूत करने के लिए हर संभव दांव खेल रहा है.

ट्रंप की तारीफ और नोबेल पुरस्कार का दांव

शरीफ ने अपने भाषण का एक बड़ा हिस्सा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शान में कसीदे पढ़ने में खर्च किया. उन्होंने यहां तक दावा कर दिया कि अगर ट्रंप ने बीच में हस्तक्षेप न किया होता, तो भारत और पाकिस्तान के बीच भीषण युद्ध छिड़ जाता. शरीफ ने बेझिझक कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान जवाबी कार्रवाई के लिए बेहतर स्थिति में था, लेकिन ट्रंप के कहने पर सीजफायर करना पड़ा. उन्होंने तो यहां तक कह दिया कि

“हम मानते हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप ने शांति की दिशा में बड़ी भूमिका निभाई है और उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए. पाकिस्तान की तरफ से उन्हें नोबेल पुरस्कार के लिए नामित करना एक छोटा सा अभिवादन भर ही है.”

‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर झूठ का पुलिंदा

शहबाज शरीफ ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत द्वारा किया गया सैन्य अभियान) को लेकर एक के बाद एक कई झूठे दावे किए. उन्होंने सबसे बड़ा और बेबुनियाद दावा यह किया कि पाकिस्तानी फाइटर जेट्स ने भारत के 7 विमान मार गिराए और उन्हें कबाड़ में बदल दिया.

बच्चे की मौत का रोना भी रोया

संघर्ष के दौरान भारत ने पाकिस्तान के कई लड़ाकू विमानों को मार गिराया था और पाकिस्तान को सीजफायर के लिए गिड़गिड़ाना पड़ा था. भारतीय एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने पहले ही स्पष्ट किया था कि भारतीय विमानों ने ऑपरेशन के दौरान 5 पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों और एक बड़े विमान को मार गिराया था. शहबाज शरीफ ने भावुक होने की कोशिश करते हुए एक 6 साल के बच्चे की मौत का रोना भी रोया, और कहा कि उन्होंने अपने कंधों पर मासूमों के ताबूत उठाए हैं.

ये भी पढ़ें: CMD उपेंद्र राय ने बताई ब्रांड की कुंजी, BW मार्केटिंग फेस्टिवल को किया संबोधित

कश्मीर और आतंकवाद पर पुराना राग

हर बार की तरह, शरीफ ने अपना वही पुराना राग अलापा. उन्होंने कुरान की आयत से भाषण की शुरुआत की और फिर तुरंत भारत पर हमला बोल दिया. उन्होंने दोहराया कि पाकिस्तान कश्मीरियों के साथ खड़ा है और इस क्षेत्र में जनमत संग्रह की मांग करता है. शरीफ ने आरोप लगाया कि भारत सिंधु जल संधि का पालन नहीं कर रहा है और पानी रोकना युद्ध की घोषणा है.

शहबाज शरीफ ने आतंकवाद की निंदा करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने पिछले दो दशकों में 90,000 जानें खोई हैं, लेकिन साथ ही यह झूठा आरोप भी लगाया कि पाकिस्तान में आतंकवाद को भारत और अन्य देश मदद कर रहे हैं. उन्होंने टीटीपी, बीएलए और ‘फितना-ए-हिंदुस्तान’ जैसे संगठनों का नाम लिया. कुल मिलाकर, शहबाज शरीफ का यह भाषण एक जवाबदेह और प्रासंगिक संबोधन से कहीं ज्यादा झूठ, बेबुनियाद दावे और अमेरिका की खुशामद पर केंद्रित था.



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.
    Tags:

Also Read


Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital