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Rishabh Pant Birthday: 19 साल में भारतीय क्रिकेट में किया धमाका, अंडर-19 में जड़ा शतक, जानें टी20 वर्ल्ड कप तक का सफर

टीम इंडिया में 2017 में डेब्यू करने वाले ऋषभ पंत ने पिछले 9 साल में तीनों फॉर्मेट में 150 से ज्यादा मैच खेल लिए हैं और कई यादगार जीत के सबसे बड़े स्टार बने हैं.

Edited by Radha Priya

Rishabh Pant Birthday:करीब साढ़े 9 साल पहले ऋषभ पंत का नाम पहली बार भारतीय क्रिकेट की चर्चाओं का हिस्सा बना, जब एक ही दिन में इस विकेटकीपर-बल्लेबाज ने दोहरा धमाका किया.टीम इंडिया में 2017 में डेब्यू करने वाले ऋषभ पंत ने पिछले 9 साल में तीनों फॉर्मेट में 150 से ज्यादा मैच खेल लिए हैं और कई यादगार जीत के सबसे बड़े स्टार बने हैं. वो टी20 वर्ल्ड कप 2024 और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा भी रहे हैं.6 फरवरी 2016 जब बांग्लादेश के फातुल्लाह में ऋषभ पंत ने अंडर-19 वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में नामीबिया के खिलाफ 111 रन की विस्फोटक पारी खेलकर भारत को सेमीफाइनल में पहुंचाया था. इधर पंत ने ये शतक जमाया, उधर बेंगलुरु में IPL 2016 सीजन के ऑक्शन में उन पर करोड़ों की बारिश हो गई.

ऋषभ पंत का जन्म 4 अक्टूबर 1997 को उत्तराखंड के रुड़की में हुआ था. उनका क्रिकेट करियर की बुनियाद दिल्ली में पड़ी, जिसमें पंत की मेहनत, उनके परिवार की हिम्मत और कोच की समझाइश के अलावा एक मशहूर गुरुद्वारे ने भी बड़ी भूमिका निभाई.

पंत ने उस दौर में ये खेल शुरू किया, जब भारत समेत इंटरनेशनल क्रिकेट में टीम इंडिया के विकेटकीपर-बल्लेबाज एमएस धोनी की धूम थी. धोनी की ही तरह पंत ने भी विकेटकीपर बनने की राह चुनी लेकिन धोनी की तरह छोटे शहर से होना उनके आड़े भी आया.

ऋषभ सिर्फ 12 साल के थे जब उन्होंने रात की बस से दिल्ली का सफर तय करना शुरू किया और इसमें उनकी मां सरोज पंत सबसे बड़ा किरदार साबित हुईं, जो हमेशा अपने मासूम बेटे को लेकर दिल्ली पहुंचतीं ताकि वो मशहूर सोनेट क्रिकेट क्लब के दिग्गज कोच तारक सिन्हा की निगरानी में क्रिकेट सीख सके.

अपने आर्थिक स्थिती के कारण साउथ दिल्ली के मशहूर गुरुद्वारा मोती बाग साहिब में ऋषभ और उनकी मां ने शरण ली. यहीं कई-कई रात रुककर, लंगर में खाना खाकर और फिर प्रैक्टिस के लिए एकेडमी जाकर ऋषभ पंत ने अपने क्रिकेट करियर की उड़ान भरी.

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गुरु गोबिंद सिंह जी से जुड़े गुरुद्वारे में शरण लेकर क्रिकेट करियर बनाने वाले पंत में भी कम बहादुरी नहीं है. 2017 में IPL सीजन के दौरान ही पंत के पिता का निधन हो गया था लेकिन सिर्फ 19 साल की उम्र में इतना बड़ा झटका झेलने और पिता का अंतिम संस्कार करने के 24 से 48 घंटों के अंदर पंत बेंगलुरु गए और वहां दिल्ली डेयरडेविल्स की ओर से रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ 36 गेंदों में 57 रन की जुझारू पारी खेली.

पंत ने अपने इंटरनेशनल करियर में टीम इंडिया के लिए कई मैच जिताऊ पारियां खेलकर अपने जज्बे और हौसले का परिचय दिया है. खास तौर पर दिसंबर 2022 में हुए खौफनाक एक्सीडेंट में बुरी तरह जख्मी होने के सिर्फ सवा साल बाद वो न सिर्फ टीम में वापस लौटे बल्कि टीम इंडिया के साथ टी20 वर्ल्ड कप जीतकर चैंपियन भी बने.

2017 में इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखने वाले ऋषभ पंत ने अब तक 47 टेस्ट में 3427 रन बनाए हैं, जिसमें 8 शतक और 18 अर्धशतक शामिल हैं, और उनकी औसत 44.50 है. टी20 स्टार के रूप में शुरुआत करने वाले पंत आज भारतीय टेस्ट टीम के महत्वपूर्ण बल्लेबाज बन चुके हैं. वनडे में उन्होंने 31 मैचों में 871 रन बनाए हैं, जिसमें 1 शतक शामिल है, जबकि 76 टी20 मैचों में उनके नाम 1209 रन और 3 अर्धशतक दर्ज हैं. आईपीएल में 125 मुकाबलों में पंत ने 3553 रन बनाए और 104 विकेट भी हासिल किए हैं.

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-भारत एक्सप्रेस 



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