दिल्ली हाईकोर्ट ने आगामी बिहार विधान सभा चुनाव में राजनीतिक दल अखिल भारतीय जनसंघ को एक समान पार्टी चुनाव चिन्ह आवंटित करने की मांग वाली याचिका पर चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. जस्टिस मिनी पुष्करणा की कोर्ट 9 अक्टूबर को मामले में अगली सुनवाई करेगा. एक सितंबर को पार्टी में आंतरिक विवाद का हवाला देते हुए अर्जी को खारिज कर दिया था.
चुनाव चिन्ह आवंटन न होने पर अदालत का रुख
मामले की सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग की ओर से पेश रोहिणी प्रसाद ने आयोग द्वारा अर्जी को खारिज किए जाने का कारण बताया. जनसंघ ने दायर याचिका में कहा है कि उसने 2 जून को पार्टी चुनाव चिन्ह आवंटित करने के लिए चुनाव आयोग को आवेदन किया था. जवाब नहीं मिलने पर 4 जुलाई को एक रिमाइंडर भी भेजा था. फिर भी चुनाव आयोग से कोई जवाब नहीं मिला है. इसलिए उसे अदालत का रुख करना पड़ा.
जनसंघ वर्ष 1989 में पंजीकृत एक गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल है, जो भारतीय जनसंघ से अपनी उत्पत्ति का दावा करता है. याचिका के अनुसार पार्टी को चुनाव लड़ने का संवैधानिक और वैधानिक अधिकार है. चुनाव चिन्ह आवंटित न होने से बिहार चुनाव लड़ने का उसका अवसर छिन जाएगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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