Bharat Express DD Free Dish

भारत का सेवा निर्यात 14 प्रतिशत बढ़कर 102 अरब डॉलर तक पहुंचा : नीति आयोग

नीति आयोग की एक लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, भारत का सेवा निर्यात 102 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जो सालाना आधार पर 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है.

Edited by Vaibhav Gupta

नीति आयोग की एक लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, भारत का सेवा निर्यात 102 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जो सालाना आधार पर 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है.

मशीनरी में 38.2 प्रतिशत की वृद्धि

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि सेवा आयात भी कुल 48 अरब डॉलर रहा, जो 4.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है. वित्त वर्ष 2025 में देश का कुल व्यापार 1.73 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जिसमें 823 अरब डॉलर का निर्यात और 908 अरब डॉलर का आयात शामिल है. मिनरल फ्यूल, इलेक्ट्रिकल मशीनरी और न्यूक्लियर रिएक्टर प्रमुख निर्यात श्रेणियां थीं, जिनमें इलेक्ट्रिकल मशीनरी में 38.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई. शीर्ष आयात वस्तुओं में मिनरल फ्यूल, इलेक्ट्रिकल मशीनरी, पर्ल्स और न्यूक्लियर रिएक्टर शामिल थे.

आयात में हुई वृद्धि

रिपोर्ट में कहा गया है कि इनऑर्गेनिक केमिकल में 82.1 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जबकि न्यूक्लियर रिएक्टर आयात में 18.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई. वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में, संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, ब्रिटेन, चीन और सिंगापुर को भारत के निर्यात में गिरावट आई, जबकि अमेरिका को निर्यात में सालाना आधार पर 27 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई. इस तिमाही के दौरान, चीन, रूस, संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका, इराक, सऊदी अरब और सिंगापुर से आयात में वृद्धि हुई. आयात प्रवाह में संयुक्त अरब अमीरात से सोने और चीन से इलेक्ट्रॉनिक्स का योगदान रहा.

इससे पहले दिन में, एसएंडपी ग्लोबल द्वारा संकलित आंकड़ों में कहा गया था कि सितंबर में भारत के सेवा क्षेत्र की गतिविधियां स्थिर रहीं और एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) 60.9 पर रहा. एचएसबीसी की मुख्य भारत अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा कि सेवा क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियां मजबूत बनी रहीं, हालांकि यह अगस्त में देखे गए हालिया उच्च स्तर से थोड़ी कम थीं.

पीएमआई रीडिंग से सेवा अर्थव्यवस्था में स्थिरता

उन्होंने कहा, “अधिकांश ट्रैकर्स में नरमी आई, लेकिन सर्वेक्षण में ऐसा कुछ भी नहीं दिखा, जिससे पता चले कि सेवाओं में विकास की गति में कोई बड़ी गिरावट आई है. इसके बजाय, फ्यूचर एक्टिविटी इंडेक्स मार्च के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, जो सेवा कंपनियों के बीच व्यावसायिक संभावनाओं को लेकर बढ़ती आशावाद का संकेत है.”

रिपोर्ट के अनुसार, पीएमआई रीडिंग ने भारत की सेवा अर्थव्यवस्था में निरंतर स्थिरता का संकेत दिया, जिसे मजबूत मांग, नई व्यावसायिक गतिविधियों और कंपनियों के बीच सकारात्मक दृष्टिकोण का समर्थन प्राप्त है.

ये भी पढ़ें: Navi Mumbai International Airport: कमल की पंखुडियों जैसा डिजाइन, 20 मिलियन यात्रियों की क्षमता, देखिए अडानी ग्रुप ने ​तैयार किया इतना भव्य एयरपोर्ट

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read