Bharat Express DD Free Dish
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital

नागा विद्रोही संगठन एनएससीएन-आईएम और टेरर फंडिंग मामले में आरोपी अलेमला जमीर को सुप्रीम कोर्ट से नही मिला राहत

सुप्रीम कोर्ट ने नागा विद्रोही संगठन एनएससीएन-आईएम और टेरर फंडिंग मामले में आरोपी अलेमला जमीर की जमानत याचिका को खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि ट्रायल अभी चल रहा है.

Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट ने नागा विद्रोही संगठन एनएससीएन-आईएम और टेरर फंडिंग मामले में आरोपी अलेमला जमीर को झटका लगा है. जस्टिस एम. एम सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने जमीर की ओर से दायर जमानत याचिका को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि हम इस समय जमानत देने के पक्ष में नहीं हैं, क्योंकि ट्रायल अभी चल रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आरोप बहुत गंभीर हैं और हमारी अंतरात्मा को झकझोर देते हैं. जमीर ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील दायर की थी.

दिल्ली हाई कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि जमीर के खिलाफ आरोपों, सबूतों और उसके पति के फरार होने के तथ्य के मद्देनजर उसकी जमानत याचिका को खारिज किया जाता हैं. कोर्ट ने दूसरी बार दायर जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा कि कोर्ट द्वारा दिए गए पहले आदेश के खिलाफ अपील में कोई दम नही है. जमानत का विरोध करते हुए अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया था कि जमीर और अन्य आरोपियों ने मिलकर आतंकी फंडिंग के लिए धन उगाही करने के लिए नागा सेना के सशस्त्र कैडेटों के माध्यम से एक परिष्कृत नेटवर्क स्थापित किया.

हालांकि जमीर की ओर से पेश वकील ने कहा था कि उनके खिलाफ कथित गंभीर आरोपों का समर्थन करने के लिए पर्याप्त सबूत रिकॉर्ड पर नहीं थे. आरोपी की ओर से पेश वकील ने यह भी कहा था कि उसकी उम्र 51 वर्ष थी और उसने लगभग 4.5 साल जेल में बिता चुका है, क्योंकि अभियोजन पक्ष उसके मामले की सुनवाई के निष्कर्ष के बारे में अनिश्चित था.

NIA ने जमीर पर लगाया था गंभीर आरोप

बता दें कि 17 दिसंबर 2019 को दिल्ली हवाई अड्डे पर लगभग 72 रुपये नकद के साथ दीमापुर के लिए उड़ान भरने से पहले रोकेजाने के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जमीर के खिलाफ मामला दर्ज किया था. जांच एजेंसी ने कहा था कि वह बरामद नकदी का स्रोत बताने में असफल रहा है. हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि एनआईए की जांच से पता चला कि एनएससीएन अत्याधुनिक हथियारों से लैस एक आतंकवादी संगठन था और समानांतर सरकार चलता था.

ये भी पढ़ें: जहरीली खांसी की दवा से बच्चों की हुई मौत, सुप्रीम कोर्ट पहुचा मामला, दायर जनहित याचिका में सीबीआई जांच की मांग

भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital