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फाल्कॉम इनवॉइस घोटाला मामला: 6 राज्यों में दर्ज एफआईआर को एक साथ ट्रांसफर की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को जारी किया नोटिस

फाल्कॉम इनवॉइस डिस्काउंटिंग स्कैम केस में एक अहम मोड़ आया है. सुप्रीम कोर्ट ने उन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ईडी को नोटिस भेजा है, जिनमें छह राज्यों में दर्ज एफआईआर को एक साथ ट्रांसफर करने की मांग की गई है.

Supreme Court
Edited by Radha Priya

Falcom Invoice Scam Case: 792 करोड़ रुपये के फाल्कॉम इनवॉइस घोटाला मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में आरोपी और चार्टर्ड अकाउंटेंट शरद तोशनीवाल की ओर से दायर ट्रांसफर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. सीजेआई बी आर गवई जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस एन. वी अंजारिया की पीठ ने ईडी से चार सप्ताह में जवाब मांगा है.

तोशनीवाल ने दर्ज 12 एफआईआर को एक जगह करने और एक साथ मुकदमा चलाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. तोशनीवाल पर तेलंगाना में 4, महाराष्ट्र में 3, दिल्ली में 1, राजस्थान में 1 आंध्र प्रदेश में 1और पश्चिम बंगाल में 1 एफआईआर दर्ज है.

कोर्ट ने अंतरिम संरक्षण देने से किया इनकार

मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में सभी आरोपियों को जमानत मिल चुकी है. लिहाजा उन्हें भी अंतरिम संरक्षण दिया जाए, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है. उन्होंने कोर्ट को यह भी बताया कि फाल्कॉम इनवॉइस डिस्कॉन्टिंग स्कीम शुरू होने से ढाई साल पहले ही मेसर्स कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड से इस्तीफा दे दिया था.

याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि तोशनीवाल का दर्ज किसी भी एफआईआर में नाम नहीं है. जबकि ईडी की दलील है कि तोशनीवाल मेसर्स कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड के गठन के बाद से ही इसका वैधानिक लेखा परीक्षक था.

तोशनीवाल को धोखाधड़ी से संबंधित पूरी जानकारी थी. इसी मामले में मेसर्स कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड के अमरदीप कुमार और अन्य के खिलाफ चल रही जांच के सिलसिले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के प्रावधानों के तहत 30 जुलाई 2025 को 18.14 करोड़ रुपए मूल्य की 12 अचल संपत्ति संपत्तियां कुर्क की है.

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-भारत एक्सप्रेस



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