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दिल्ली हाई कोर्ट तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा की ओर से दायर याचिका पर 21 नवंबर को करेगा सुनवाई

दिल्ली हाई कोर्ट तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा की ओर से दायर याचिका पर 21 नवंबर को सुनवाई करेगा. महुआ मोइत्रा ने दिल्ली हाई कोर्ट में लोकपाल की ओर से सीबीआई को चार्जशीट दाखिल करने की अनुमति देने के खिलाफ याचिका दायर की है.

Edited by Vaibhav Gupta

दिल्ली हाई कोर्ट तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा की ओर से दायर याचिका पर 21 नवंबर को सुनवाई करेगा. महुआ मोइत्रा ने दिल्ली हाई कोर्ट में लोकपाल की ओर से सीबीआई को चार्जशीट दाखिल करने की अनुमति देने के खिलाफ याचिका दायर की है. जिसपर जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल की अध्यक्षता वाली पीठ सुनवाई कर रही हैं.

न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन

12 नवंबर को लोकपाल की पूर्ण पीठ ने लोकपाल अधिनियम की धारा 20(7)(A) उपधारा धारा 23 (1) के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए सीबीआई को चार सप्ताह में महुआ मोइत्रा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की अनुमति दी थी और कहा था कि चार्जशीट के एक कॉपी उसके सामने भी पेश की जाए.

महुआ मोइत्रा की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि लोकपाल का आदेश लोकपाल एवं लोकायुक्त अधिनियम, 2013 के खिलाफ है और वह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन करता है, क्योंकि यह उनके विस्तृत लिखित और मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार किए बिना पारित किया गया है.

मीडिया में लीक हुई रिपोर्ट

इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने लोकपाल और सीबीआई को निर्देश दिया था कि वे तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ कथित रूप से धन के बदले संसद में प्रश्न पूछने के मामले में चल रही लोकपाल कार्यवाही की गोपनीयता बनाए रखना सुनिश्चित करें. अदालत ने मोइत्रा की याचिका का निपटारा करते हुए कहा था कि लोकपाल व सीबीआई को 5 जून को जारी परिपत्र के निर्देशों के साथ वैधानिक प्रावधानों के अनुसार गोपनीयता बनाए रखना अनिवार्य है. लोकपाल को सौंपी गई सीबीआई की रिपोर्ट मीडिया में लीक हो गई थी.

इस मामले में आचार समिति ने मोइत्रा को दोषी ठहराया था और बाद में उन्हें 8 दिसंबर, 2023 को लोकसभा सांसद के पद से निष्कासित कर दिया गया था. उन पर व्यवसायी और मित्र दर्शन हीरानंदानी की ओर से प्रश्न पूछने के बदले नकद प्राप्त करने का आरोप लगाया गया था.

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-भारत एक्सप्रेस



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