Bihar Rabri Devi Bungalow Politics: बिहार में नई सरकार बनने के बाद बीते रोज नीतीश कुमार की कैबिनेट ने 8 बड़े फैसले किए. इसमें उन तमाम चीजों पर मुहर लगाई गई जिससे प्रदेश में रोजगार और व्यापार बढ़ेगा. कुल मिलाकर युवाओं को बड़े मौके मिलेंगे और पलायन कम होगा. इन तमाम फैसलों के साथ ही सरकार ने एक फैसला लिया जिसने प्रदेश में बंगला सियासत को जन्म दे दिया है. बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास बदलने का फैसला अब सियासी तूफान बन चुका है. अब लालू परिवार और RJD ने सरकार को अल्टीमेटम दे दिया है.
नई एनडीए सरकार ने राबड़ी देवी को पटना के 39, हार्डिंग रोड पर नया बंगला आवंटित किया है, जिससे उन्हें 19 साल पुराना अपना आवास छोड़ना पड़ेगा. आरजेडी ने इस कदम को द्वेषपूर्ण राजनीति (Bihar Politics) करार दिया है. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल ने बुधवार को मीडिया से कहा कि सरकार के मन में लालू यादव और राबड़ी देवी के प्रति जहर भरा हुआ है. हम जो करना है करेंगे, लेकिन डेरा खाली नहीं करेंगे.
20 साल से क्यों नहीं उठाया कोई कदम?
मंडल ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बीते 20 साल से सत्ता में हैं, फिर अब तक यह कार्रवाई क्यों नहीं की गई. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा-जदयू सरकार कर्णांकित (ईयर मार्क) शब्द का इस्तेमाल लालू-राबड़ी को अपमानित करने के लिए कर रही है. इस मुद्दे पर आरजेडी अदालत जाने की तैयारी में है, लेकिन पार्टी ने साफ कर दिया है कि आवास खाली नहीं किया जाएगा. मंगनीलाल ने कहा कि जो कुछ करना होगा किया जाएगा लेकिन डेरा खाली नहीं किया जाएगा.
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RJD की सियासत का केंद्र है बंगला
भवन निर्माण विभाग ने आधिकारिक पत्र जारी कर बताया कि राबड़ी देवी को नया आवास आवंटित कर दिया गया है और 10 सर्कुलर रोड का बंगला अब किसी अन्य को दिया जाएगा. करीब 20 सालों से 10, सर्कुलर रोड का बंगला लालू परिवार का ठिकाना रहा है. यही से राजनीति (Bihar Bungalow Politics) की रणनीतियां बनती थीं और यही बंगला राजद का पॉलिटिकल नर्व सेंटर माना जाता था.
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